भारत में वेसाक उत्सव (Vesak Celebration) जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है, बहुत ही सादगी और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और सफेद वस्त्र धारण करते हैं, जो शुद्धता (Purity) और शांति का प्रतीक है। बौद्ध विहारों (Buddhist Monasteries) को फूलों और रंगीन दीपों से सजाया जाता है। लोग बुद्ध की प्रतिमा के सामने मोमबत्तियां जलाते हैं और धूप अर्पित करते हैं, जिससे पूरा वातावरण सुगंधित और आध्यात्मिक हो जाता है।
उत्सव का एक प्रमुख हिस्सा 'बुद्ध वंदना' (Buddhist Prayer) और सामूहिक ध्यान (Mass Meditation) होता है। लोग शांतिपूर्वक कतारों में बैठकर बुद्ध के शांति और करुणा (Compassion) के संदेशों को सुनते हैं। इस दिन 'दान' (Charity) देने की विशेष परंपरा है, जहाँ गरीबों को भोजन, वस्त्र और दवाइयां वितरित की जाती हैं। पशु-पक्षियों को मुक्त करना और जीव हत्या से दूर रहना इस त्यौहार का एक अनिवार्य अंग माना जाता है, जो अहिंसा (Ahimsa) की शिक्षा को पुष्ट करता है।
विभिन्न शहरों में इस अवसर पर शोभा यात्राएं (Processions) निकाली जाती हैं, जिनमें भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी झांकियां प्रदर्शित की जाती हैं। लोग 'नमो बुद्धाय' के जयघोष के साथ शांति मार्च निकालते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में बुद्ध की शिक्षाओं (Teachings) पर निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है ताकि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को समझ सके। घरों में विशेष रूप से खीर (Milk Porridge) बनाई जाती है और प्रसाद के रूप में बांटी जाती है।
सरकारी स्तर पर भी बुद्ध जयंती (Buddha Jayanti) को सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है और सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन होता है। बोधगया और सारनाथ जैसे स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन (International Buddhist Conference) आयोजित होते हैं जहाँ विभिन्न देशों के भिक्षु शांति स्थापना पर चर्चा करते हैं। यह दिन केवल एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आत्म-चिंतन (Self-reflection) और स्वयं के दोषों को सुधारने का संकल्प लेने का अवसर है।
सोशल मीडिया के इस युग में लोग एक-दूसरे को वेसाक की शुभकामनाएं (Vesak Wishes) और प्रेरक संदेश (Inspirational Messages) भेजकर शांति का प्रसार करते हैं। व्हाट्सएप और फेसबुक पर बुद्ध के अनमोल विचार (Quotes) साझा किए जाते हैं, जो लोगों को सकारात्मक सोच (Positive Thinking) के लिए प्रेरित करते हैं। रात के समय आकाश दीप (Sky Lanterns) छोड़ने की परंपरा भी कई स्थानों पर लोकप्रिय हो रही है, जो बुराइयों पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है।