ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार मिथुन राशि (Gemini) राशि चक्र की तीसरी राशि है, जिसका प्रतिनिधित्व 'जुड़वां' (Twins) द्वारा किया जाता है। इस राशि का स्वामी बुध ग्रह (Planet Mercury) है, जो बुद्धि और संचार (Communication) का कारक माना जाता है। इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत ही मिलनसार, जिज्ञासु और बहुमुखी प्रतिभा (Versatile) के धनी होते हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता इनका दोहरा स्वभाव (Dual Nature) है, जिसकी वजह से ये किसी भी परिस्थिति में खुद को बहुत जल्दी ढाल लेते हैं।
बौद्धिक रूप से (Intellectually) मिथुन राशि के जातक बहुत ही तेज होते हैं और उन्हें नई चीजें सीखने का बहुत शौक होता है। बातचीत करने की कला (Art of Conversation) में इनका कोई मुकाबला नहीं है, यही कारण है कि ये बहुत जल्दी नए मित्र बना लेते हैं। इनके भीतर एक गजब की फुर्ती और ऊर्जा (Energy) होती है, जो इन्हें हमेशा सक्रिय रखती है। हालाँकि, कई बार इनका मन चंचल (Restless Mind) हो जाता है, जिससे ये एक काम को बीच में छोड़कर दूसरे की ओर भागने लगते हैं।
करियर (Career) के क्षेत्र में मिथुन राशि वाले लोग उन कार्यों में बहुत सफल होते हैं जहाँ संवाद और बुद्धिमत्ता (Intelligence) की जरूरत होती है। ये अच्छे लेखक, पत्रकार, शिक्षक या सलाहकार (Advisor) साबित होते हैं। तकनीकी और मार्केटिंग (Marketing) के क्षेत्र में भी ये अपनी तार्किक शक्ति (Logical Power) का लोहा मनवाते हैं। ये एक साथ कई काम (Multitasking) करने में माहिर होते हैं, जो इन्हें कार्यस्थल पर दूसरों से अलग और विशिष्ट पहचान दिलाता है।
सामाजिक जीवन (Social Life) में ये लोग पार्टी की जान होते हैं और इनका सेंस ऑफ ह्यूमर (Sense of Humor) बहुत ही बेहतरीन होता है। ये अपने आस-पास के लोगों को हमेशा खुश रखने का प्रयास करते हैं और अकेले रहने के बजाय समूह (Group) में रहना अधिक पसंद करते हैं। मिथुन राशि (Mithun Rashi) के जातक स्वभाव से थोड़े भावुक भी होते हैं, लेकिन वे अपनी भावनाओं (Emotions) को तर्क की कसौटी पर कसना अच्छी तरह जानते हैं। इनकी स्वतंत्रता इनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
स्वास्थ्य (Health) के प्रति इन्हें थोड़ा सचेत रहने की आवश्यकता होती है, विशेषकर फेफड़ों और श्वसन तंत्र (Respiratory System) से जुड़ी समस्याओं के मामले में। चूँकि इनका मस्तिष्क हमेशा सक्रिय रहता है, इसलिए इन्हें अनिद्रा (Insomnia) या मानसिक तनाव जैसी शिकायत हो सकती है। नियमित योग और ध्यान (Yoga and Meditation) इनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। संतुलित आहार और पर्याप्त आराम (Rest) इनके जीवन की उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है।