ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार मीन राशि (Meen Rashi) राशि चक्र की अंतिम और बारहवीं राशि है, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति (Planet Jupiter) हैं। इस राशि के जातक अत्यंत दयालु, संवेदनशील और कल्पनाशील (Compassionate, Sensitive and Imaginative) स्वभाव के होते हैं। इनका प्रतीक चिन्ह दो मछलियाँ (Two Fishes) हैं जो विपरीत दिशाओं में तैर रही हैं, जो इनके मन के द्वंद्व और गहराई को दर्शाता है। ये लोग आध्यात्मिक (Spiritual) रूप से बहुत उन्नत होते हैं और दूसरों के प्रति बहुत जल्दी सहानुभूति महसूस करते हैं।
इनकी सबसे बड़ी खूबी इनकी निस्वार्थ सेवा और प्रेम (Selfless Service and Love) करने की क्षमता है। मीन राशि (Pisces) के जातक अक्सर सपनों की दुनिया में खोए रहते हैं और वास्तविकता से दूर अपनी एक काल्पनिक दुनिया बना लेते हैं। इनके भीतर रचनात्मकता (Creativity) कूट-कूट कर भरी होती है, जिससे ये संगीत, कला और लेखन (Music, Art and Writing) के क्षेत्र में बहुत नाम कमाते हैं। ये बहुत ही शांत और सौम्य व्यक्तित्व (Calm and Gentle Personality) के धनी होते हैं।
कार्यक्षेत्र (Workplace) में ये जातक अपनी अंतर्ज्ञान शक्ति (Intuition Power) के लिए जाने जाते हैं। ये उन पेशों में बहुत सफल होते हैं जहाँ मानवीय संवेदनाओं और देखभाल (Care and Human Emotions) की आवश्यकता होती है, जैसे चिकित्सा, परामर्श या अध्यापन (Medicine, Counseling or Teaching)। मीन राशि वाले लोग बहुत ही अच्छे सलाहकार (Advisors) साबित होते हैं क्योंकि ये दूसरों की समस्याओं को गहराई से समझते हैं। जल तत्व (Water Element) की राशि होने के कारण इनमें परिस्थितियों के अनुसार ढलने का गजब का लचीलापन (Flexibility) होता है।
सामाजिक जीवन (Social Life) में ये बहुत ही मिलनसार और वफादार मित्र (Sociable and Loyal Friends) होते हैं। ये भीड़-भाड़ वाली जगहों के बजाय शांतिपूर्ण वातावरण (Peaceful Environment) अधिक पसंद करते हैं। मीन राशि (Meen Rashi) के जातकों को अपनी भावनाओं (Emotions) पर नियंत्रण रखने में कभी-कभी कठिनाई होती है, जिससे ये मानसिक तनाव (Mental Stress) का शिकार हो सकते हैं। ये दूसरों की मदद करने के चक्कर में अपनी जरूरतों को अक्सर भूल जाते हैं, जो इनका एक बड़ा दोष भी है।
स्वास्थ्य (Health) के प्रति इन्हें अपने पैरों और प्रतिरक्षा प्रणाली (Feet and Immune System) का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बृहस्पति के प्रभाव के कारण इन्हें पानी की कमी या संक्रमण (Infection) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नियमित ध्यान और योग (Meditation and Yoga) इनके मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए बहुत लाभकारी है। पर्याप्त नींद लेना और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) के बीच रहना इनके जीवन को खुशहाल और स्वस्थ (Healthy and Happy) बनाए रखने में बहुत मदद करता है।