करियर planning जितनी जल्दी शुरू की जाए उतना अच्छा माना जाता है. सामान्य रूप से कक्षा आठ या नौ से छात्र अपने interest को पहचानना शुरू कर सकते हैं. इस उम्र में दिमाग ज्यादा खुला होता है और हर नई जानकारी को समझने की क्षमता तेज होती है. इसलिए शुरुआती संकेत देखकर दिशा तय करने में आसानी होती है.
जल्दी planning का फायदा सबसे बड़ा ये है कि छात्र बिना दबाव के धीरे धीरे अपनी पसंद समझ लेते हैं. मन में कोई घबराहट नहीं रहती और फैसले सोच समझकर लिए जाते हैं. इस तरह confusion कम होता है और सही राह मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
एक और फायदा ये है कि समय काफी मिल जाता है ताकि जरूरी skills जैसे communication skill, problem solving skill या computer skill को मजबूत किया जा सके. skills मजबूत होने पर student किसी भी competition या job के लिए ज्यादा तैयार हो जाता है. इससे confidence भी बढ़ता है.
जल्दी planning से ये भी फायदा होता है कि student अपनी पढ़ाई उसी दिशा में चुन सकता है जो उसके future career से जुड़ी हो. इससे पढ़ाई सही लगती है और motivation बना रहता है. मेहनत बेकार नहीं जाती और हर कदम career goal से जुड़ता है.
आखिर में ये फायदा होता है कि जब time आता है किसी exam या course का चुनाव करने का तो student को कोई घबराहट नहीं होती. क्योंकि वह पहले से ही options समझ चुका होता है. इस तरह life आसान हो जाती है और career मजबूत बनता है.