ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य देव कमजोर स्थिति में हों, तो उन्हें प्रतिदिन सूर्योदय (Sunrise) के समय तांबे के लोटे से जल अर्पित करना चाहिए। अर्घ्य देते समय 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है। जल में लाल फूल और कुमकुम मिलाना शुभ माना जाता है।
आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) का पाठ करना सूर्य को बलवान बनाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। रविवार (Sunday) के दिन उपवास रखने और नमक का त्याग करने से भी सूर्य दोष कम होता है। यह धार्मिक क्रिया व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास (Self-confidence) और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
दान की महिमा भी शास्त्रों में बताई गई है। रविवार को गेहूं (Wheat), तांबा (Copper), गुड़ और लाल वस्त्र का दान किसी जरूरतमंद को देना चाहिए। माणिक्य (Ruby) रत्न धारण करना भी एक विकल्प है, लेकिन इसके लिए किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेना अनिवार्य है।
पिता की सेवा करना और उनका सम्मान करना सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है। सूर्य को पिता का कारक (Significator) माना जाता है, इसलिए घर के बड़ों का आशीर्वाद लेने से कुंडली के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं।
गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का नियमित जाप करने से भी मानसिक स्पष्टता और शारीरिक तेज प्राप्त होता है। सूर्य की किरणों का सीधा संपर्क शरीर पर पड़ने से स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है और हड्डियों (Bones) की कमजोरी दूर होती है, जिससे जीवन में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।