हेमा मालिनी हमेशा कहती हैं कि tradition और modern values दोनों साथ रह सकते हैं। उनके घर में पूजा, त्योहार और पारंपरिक आदतें शांति से निभाई जाती हैं। इससे बच्चों को अपनी जड़ें समझने में मदद मिलती है।
साथ ही वह बच्चों को modern education और independent सोच अपनाने के लिये भी प्रेरित करती हैं। वह यह मानती हैं कि समय के साथ बदलाव जरूरी है, लेकिन अपनी पहचान खोये बिना। यह संतुलन उनके घर में स्पष्ट दिखाई देता है।
परिवार के भीतर सबको अपनी बात कहने की पूरी आजादी है। उनकी यही सोच बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है। वह हर निर्णय में practicality और values दोनों का ध्यान रखती हैं।
उनका कहना है कि अच्छे संस्कार परिवार में अपनाए गये छोटे-छोटे व्यवहारों से आते हैं। इसलिए वह रोजमर्रा की जिंदगी में simplicity और sincerity पर जोर देती हैं। इससे घर का वातावरण हमेशा शांत रहता है।
इन्हीं बातों की वजह से लोग उन्हें एक balanced family personality मानते हैं। उनकी सोच भारतीय परिवारों के लिये एक मजबूत उदाहरण बन गई है।