ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार शनि देव को न्याय का देवता (God of Justice) माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। साढ़े साती के दौरान होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानियों को कम करने के लिए प्रत्येक शनिवार (Saturday) को हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है। हनुमान जी की पूजा करने से शनि देव का कोप शांत होता है और जातक को आत्मबल प्राप्त होता है।
पीपल के वृक्ष (Peepal Tree) के नीचे सरसों के तेल (Mustard Oil) का दीपक जलाना शनि शांति का एक प्राचीन और प्रभावी उपाय है। शनिवार की शाम को पीपल की जड़ में जल अर्पित करने और सात बार परिक्रमा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। यह क्रिया व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाओं (Obstacles) को दूर करती है और कार्यों में स्थिरता लाती है। तेल का दान करना भी इस समय में विशेष फलदायी माना गया है।
शनि देव को अनुशासित जीवन (Disciplined Life) पसंद है, इसलिए साढ़े साती के दौरान जातक को झूठ बोलने और नशा करने से बचना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना शनि ग्रह (Saturn Planet) को मजबूत करने का सबसे उत्तम तरीका है। जो लोग अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों (Laborers) का सम्मान करते हैं, उन्हें शनि देव कभी प्रताड़ित नहीं करते। यह नैतिक आचरण भाग्य को बदलने की शक्ति रखता है।
दान की सामग्री में काले तिल (Black Sesame), काला कपड़ा, लोहे के बर्तन (Iron Utensils) और उड़द की दाल का विशेष महत्व है। इन वस्तुओं को शनिवार के दिन किसी निर्धन व्यक्ति को दान करने से शनि की दशा (Shani Dasha) का प्रभाव कम होता है। छाया दान करना, जिसमें एक बर्तन में तेल भरकर अपना चेहरा देखकर उसे दान किया जाता है, शनि दोष निवारण (Remedy) के लिए अचूक माना जाता है।
नीलम रत्न (Blue Sapphire) धारण करना भी शनि को बलवान बनाने का एक तरीका है, परंतु इसे केवल विशेषज्ञ ज्योतिषी (Astrologer) की सलाह पर ही पहनना चाहिए। शनि की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए। शनि देव व्यक्ति को धैर्य (Patience) और कड़ी मेहनत (Hard Work) की सीख देते हैं। जब जातक ईमानदारी के मार्ग पर चलता है, तो साढ़े साती उसे कष्ट देने के बजाय फर्श से अर्श तक पहुँचा देती है।