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ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में शुक्र को भोग, विलासिता और प्रेम का कारक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली (Horoscope) में शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) चल रही है, तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इस समय को और भी अधिक फलदायी बनाने के लिए शुक्रवार (Friday) के दिन सफेद गाय को गुड़ और चावल खिलाना चाहिए। लक्ष्मी नारायण (Lord Lakshmi Narayan) की उपासना करने से आर्थिक स्थिति (Financial Condition) में जबरदस्त सुधार आता है।

घर के वातावरण को खुशबूदार और स्वच्छ रखना शुक्र देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल माध्यम है। व्यक्ति को स्वयं भी इत्र (Perfume) और साफ-सुथरे सफेद वस्त्र (White Clothes) धारण करने चाहिए। शुक्र की ऊर्जा को सक्रिय (Activate) करने के लिए फटे हुए कपड़े या गंदे जूते तुरंत त्याग देने चाहिए। जो जातक अपनी जीवनसाथी (Spouse) का सम्मान करते हैं, उन्हें शुक्र देव कभी भी दरिद्रता (Poverty) का मुख नहीं देखने देते।

शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं को मिश्री और खीर (Rice Pudding) का प्रसाद बांटना सौभाग्य में वृद्धि करता है। यदि व्यापार (Business) में रुकावट आ रही हो, तो चांदी का एक टुकड़ा (Silver Piece) अपने पास रखना लाभकारी सिद्ध होता है। शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) के दौरान सफेद चन्दन (White Sandalwood) का तिलक माथे पर लगाने से मानसिक शांति (Mental Peace) प्राप्त होती है और आकर्षण शक्ति (Power of Attraction) में बढ़ोतरी होती है।

हीरा रत्न (Diamond Gemstone) पहनना इस दशा के दौरान अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, परंतु इसे विशेषज्ञ के परामर्श के बिना न पहनें। इसके विकल्प के रूप में ओपल (Opal) या सफेद पुखराज (White Sapphire) भी धारण किया जा सकता है। ये रत्न शरीर में शुक्र की किरणों को सोखकर जातक के कलात्मक कौशल (Artistic Skills) और रचनात्मकता (Creativity) को निखारते हैं। शुक्र की कृपा से व्यक्ति को वाहन सुख (Vehicle Comfort) सहज ही मिल जाता है।

श्री सूक्त (Shri Suktam) का पाठ नियमित रूप से करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। दान के रूप में घी, कपूर (Camphor) और सफेद रेशमी वस्त्रों का उपयोग करना चाहिए। शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) में जातक को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और चारित्रिक शुद्धता (Moral Purity) बनाए रखनी चाहिए। ऐसा करने से जातक बीस वर्षों की इस लंबी अवधि में अकल्पनीय सफलता और ऐश्वर्य (Luxury) प्राप्त करता है।

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ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में शुक्र को भोग, विलासिता और प्रेम का कारक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली (Horoscope) में शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) चल रही है, तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। इस समय को और भी अधिक फलदायी बनाने के लिए शुक्रवार (Friday) के दिन सफेद गाय को गुड़ और चावल खिलाना चाहिए। लक्ष्मी नारायण (Lord Lakshmi Narayan) की उपासना करने से आर्थिक स्थिति (Financial Condition) में जबरदस्त सुधार आता है।

घर के वातावरण को खुशबूदार और स्वच्छ रखना शुक्र देव को प्रसन्न करने का सबसे सरल माध्यम है। व्यक्ति को स्वयं भी इत्र (Perfume) और साफ-सुथरे सफेद वस्त्र (White Clothes) धारण करने चाहिए। शुक्र की ऊर्जा को सक्रिय (Activate) करने के लिए फटे हुए कपड़े या गंदे जूते तुरंत त्याग देने चाहिए। जो जातक अपनी जीवनसाथी (Spouse) का सम्मान करते हैं, उन्हें शुक्र देव कभी भी दरिद्रता (Poverty) का मुख नहीं देखने देते।

शुक्रवार के दिन छोटी कन्याओं को मिश्री और खीर (Rice Pudding) का प्रसाद बांटना सौभाग्य में वृद्धि करता है। यदि व्यापार (Business) में रुकावट आ रही हो, तो चांदी का एक टुकड़ा (Silver Piece) अपने पास रखना लाभकारी सिद्ध होता है। शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) के दौरान सफेद चन्दन (White Sandalwood) का तिलक माथे पर लगाने से मानसिक शांति (Mental Peace) प्राप्त होती है और आकर्षण शक्ति (Power of Attraction) में बढ़ोतरी होती है।

हीरा रत्न (Diamond Gemstone) पहनना इस दशा के दौरान अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, परंतु इसे विशेषज्ञ के परामर्श के बिना न पहनें। इसके विकल्प के रूप में ओपल (Opal) या सफेद पुखराज (White Sapphire) भी धारण किया जा सकता है। ये रत्न शरीर में शुक्र की किरणों को सोखकर जातक के कलात्मक कौशल (Artistic Skills) और रचनात्मकता (Creativity) को निखारते हैं। शुक्र की कृपा से व्यक्ति को वाहन सुख (Vehicle Comfort) सहज ही मिल जाता है।

श्री सूक्त (Shri Suktam) का पाठ नियमित रूप से करने से घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। दान के रूप में घी, कपूर (Camphor) और सफेद रेशमी वस्त्रों का उपयोग करना चाहिए। शुक्र की महादशा (Venus Mahadasha) में जातक को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और चारित्रिक शुद्धता (Moral Purity) बनाए रखनी चाहिए। ऐसा करने से जातक बीस वर्षों की इस लंबी अवधि में अकल्पनीय सफलता और ऐश्वर्य (Luxury) प्राप्त करता है।
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