ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की शांति के लिए विशिष्ट अनाज और खाद्य पदार्थों का दान (Donation of Food) करने का विधान है। मंगल ग्रह का संबंध लाल रंग और अग्नि तत्व से है, इसलिए लाल मसूर की दाल (Red Lentils) मंगल का प्रतिनिधित्व करती है। मंगलवार के दिन सवा किलो लाल मसूर का दान करने से कुण्डली का मंगल दोष (Manglik Dosha) शांत होता है। यह दान किसी जरूरतमंद (Needy) या मंदिर के लंगर में देना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
गुड़ का दान (Donation of Jaggery) मंगल की उग्र ऊर्जा को मिठास में बदलने का एक प्रतीकात्मक तरीका है। गुड़ मंगल और सूर्य (Sun) दोनों से संबंधित है, इसलिए इसका दान करने से जातक का मान-सम्मान (Reputation) बढ़ता है और स्वास्थ्य में सुधार होता है। मंगल दोष (Mangal Dosha) के कारण यदि भूमि या संपत्ति (Land or Property) संबंधी विवाद चल रहे हों, तो गुड़ और गेहूं (Wheat) का दान करना सफलता दिलाता है। दान की यह प्रक्रिया जातक के अहंकार (Ego) को कम कर उसे विनम्र बनाती है।
मंगलवार को तांबे के पात्र (Copper Utensils) में गुड़ भरकर दान करना मंगल दोष (Manglik Dosha) के जातक के लिए एक रक्षा कवच की तरह कार्य करता है। तांबा (Copper) मंगल की धातु है और यह शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित (Balance) करता है। दान करते समय संकल्प (Vow) लेना आवश्यक है कि यह कार्य ग्रह शांति के लिए किया जा रहा है। परोपकार की यह भावना जातक के संचित कर्मों (Accumulated Karmas) के नकारात्मक प्रभावों को कम करती है।
दान की सामग्री (Donation Items) में लाल वस्त्र (Red Cloth) और रेवड़ी (Rewri) का भी विशेष स्थान है। मंगल दोष (Mangal Dosha) से पीड़ित व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य अनुसार मंगलवार के दिन मजदूरों या मेहनतकश लोगों को मीठा भोजन कराना चाहिए। माना जाता है कि मंगल परिश्रम (Hard Work) का देवता है, इसलिए श्रमिकों की सेवा करने से मंगल देव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं। यह सामाजिक सेवा (Social Service) ग्रहों की चाल को जातक के पक्ष में मोड़ने की शक्ति रखती है।
अन्न दान (Annadaan) के साथ-साथ मंगल दोष (Manglik Dosha) के निवारण हेतु लाल चन्दन (Red Sandalwood) का दान करना भी मानसिक शीतलता प्रदान करता है। जो जातक नियमित रूप से मंगल से संबंधित वस्तुओं का दान करते हैं, उनके स्वभाव में धैर्य और गंभीरता (Seriousness) आती है। दान केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि नकारात्मक ऊर्जा के विसर्जन (Release of Negative Energy) की एक प्रक्रिया है। मंगल की प्रसन्नता से जातक को भूमि सुख और सुखी गृहस्थ जीवन (Happy Domestic Life) प्राप्त होता है।