NCERT की गैर-शैक्षणिक परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यापक होता है और इसमें सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति (General Intelligence and Reasoning) का खंड बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसमें मौखिक और गैर-मौखिक दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं जो उम्मीदवार की निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) का परीक्षण करते हैं। इस खंड में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास और कोडिंग-डिकोडिंग जैसे विषयों पर पकड़ बनाना आवश्यक है।
सामान्य जागरूकता (General Awareness) का भाग भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, जिसमें वर्तमान मामलों (Current Affairs), भारतीय इतिहास, भूगोल और विशेष रूप से भारतीय शिक्षा प्रणाली (Indian Education System) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। NCERT की अपनी भूमिका और शिक्षा क्षेत्र में इसके योगदान के बारे में जानकारी होना परीक्षा में सहायक सिद्ध होता है। समाचार पत्रों का नियमित अध्ययन और वार्षिक संकलनों (Yearbooks) का अवलोकन इस खंड में सफलता दिला सकता है।
संख्यात्मक अभियोग्यता (Quantitative Aptitude) या गणितीय कौशल में कक्षा 10वीं तक के स्तर के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें लाभ-हानि, प्रतिशत, औसत और समय-कार्य (Time and Work) जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाती है। गणितीय सूत्रों का अभ्यास और गणना की गति (Calculation Speed) बढ़ाना बहुत जरूरी है ताकि सीमित समय में अधिक प्रश्न हल किए जा सकें। छोटी-छोटी गणनाओं के लिए ट्रिक्स सीखना परीक्षा हॉल में समय बचाने में मदद करता है।
अंग्रेजी और हिंदी भाषा (Language Proficiency) के खंड में व्याकरण, शब्दावली (Vocabulary) और समझ (Comprehension) पर आधारित प्रश्न होते हैं। उम्मीदवार को दोनों भाषाओं में से किसी एक या दोनों में अपनी दक्षता साबित करनी होती है। पर्यायवाची, विलोम शब्द और त्रुटि सुधार जैसे विषयों पर ध्यान देना चाहिए। भाषा की समझ न केवल लिखित परीक्षा के लिए बल्कि कार्यालय के दैनिक कार्यों के लिए भी अनिवार्य है।
तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों (Previous Year Papers) का अभ्यास करना और मॉक टेस्ट (Mock Tests) देना सबसे प्रभावी रणनीति है। इससे आपको परीक्षा के पैटर्न (Exam Pattern) और समय प्रबंधन (Time Management) का वास्तविक अनुभव प्राप्त होता है। अपनी कमजोरियों को पहचानें और उन विषयों पर अतिरिक्त समय दें जिनमें आप खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। एक अनुशासित समय-सारणी (Study Schedule) का पालन करना आपके लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।