उत्तर प्रदेश में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की प्राथमिक जिम्मेदारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एकीकृत बाल विकास योजना (ICDS - Integrated Child Development Services) के सफल क्रियान्वयन की होती है। उन्हें अपने आवंटित क्षेत्र में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) और धात्री माताओं (Lactating Mothers) का विवरण रखना होता है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए वे केंद्र पर पूर्व-स्कूली शिक्षा (Pre-school Education) प्रदान करती हैं, जो खेल-कूद और कहानियों पर आधारित होती है।
पोषण प्रबंधन (Nutrition Management) आंगनवाड़ी कार्य का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यकर्ताओं को कुपोषण (Malnutrition) को रोकने के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया पुष्टाहार (Supplementary Nutrition) लाभार्थियों में वितरित करना होता है। वे बच्चों का नियमित रूप से वजन (Weight Monitoring) करती हैं और उनके विकास चार्ट (Growth Chart) को अपडेट रखती हैं। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों (SAM Children) की पहचान करना और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र (Health Center) रेफर करना भी उन्हीं का कर्तव्य है।
स्वास्थ्य सेवाओं (Health Services) में सहयोग करना भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मुख्य कार्य है। वे स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण (Immunization) कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। पल्स पोलियो (Pulse Polio) जैसे राष्ट्रीय अभियानों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त, वे स्थानीय स्तर पर परिवार नियोजन (Family Planning) और प्रसव पूर्व देखभाल (Antenatal Care) के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य भी सक्रिय रूप से करती हैं।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्वच्छता और स्वास्थ्य शिक्षा (Health and Hygiene Education) सत्रों का आयोजन करना होता है। महिलाओं को पोषणयुक्त भोजन तैयार करने और बच्चों की देखभाल (Child Care) के उन्नत तरीकों के बारे में शिक्षित करना इनके दैनिक कार्यों का हिस्सा है। वे 'ममता दिवस' (Mamta Diwas) या 'वीएचएसएनडी' (VHSND) सत्रों के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार लाने का प्रयास करती हैं। केंद्र के सभी रजिस्टरों और डिजिटल डेटा (Digital Data entry) का रखरखाव भी उन्हीं के द्वारा किया जाता है।
सामाजिक जागरूकता (Social Awareness) के क्षेत्र में वे कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लड़कियों की शिक्षा (Girls' Education) को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती हैं। वे सरकार और जनता के बीच एक सेतु (Bridge) का कार्य करती हैं, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुँच सके। वर्तमान में 'पोषण ट्रैकर' (Poshan Tracker) मोबाइल ऐप के माध्यम से सभी सूचनाओं को ऑनलाइन फीड करना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे कार्य की जवाबदेही (Accountability) और पारदर्शिता बढ़ गई है।