उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी (Government Employee) का दर्जा प्राप्त नहीं है, बल्कि उन्हें एक निश्चित मासिक मानदेय (Monthly Honorarium) दिया जाता है। इस मानदेय में केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों का अंशदान शामिल होता है। वर्तमान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को लगभग 7,500 से 8,000 रुपये प्रति माह प्राप्त होते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें उनके कार्य प्रदर्शन (Performance) के आधार पर विशेष प्रोत्साहन राशि (Incentive Money) भी प्रदान की जाती है, जो डिजिटल कार्यों के लिए अलग से देय होती है।
समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा मानदेय में वृद्धि (Increment in Honorarium) की घोषणा की जाती है। इसके साथ ही, आंगनवाड़ी सहायिकाओं (Anganwadi Helpers) को कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति मिलने का भी प्रावधान है। यदि किसी सहायिका ने 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा (Satisfactory Service) पूरी कर ली है और वह 12वीं कक्षा उत्तीर्ण है, तो उसे कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती के समय प्राथमिकता दी जाती है। यह पदोन्नति विभागीय कोटे (Departmental Quota) के अंतर्गत आती है।
करियर ग्रोथ (Career Growth) के अवसरों के तहत, अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मुख्य सेविका (Supervisor) के पदों के लिए होने वाली विभागीय परीक्षाओं (Departmental Exams) में भाग ले सकती हैं। मुख्य सेविका का पद पूरी तरह से सरकारी होता है और इसमें आकर्षक वेतनमान (Pay Scale) मिलता है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को एक निश्चित अवधि का अनुभव और स्नातक की डिग्री (Bachelor's Degree) होना आवश्यक है। इस प्रकार, एक जमीनी स्तर की कार्यकर्ता प्रशासनिक पदों तक पहुँच सकती है।
मानदेय के अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अन्य सुविधाएं जैसे कि बीमा कवर (Insurance Cover) और दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है। सरकार द्वारा उन्हें कार्य करने के लिए स्मार्ट फोन (Smartphone) और डेटा पैक (Data Pack) उपलब्ध कराया जाता है ताकि वे अपनी रिपोर्टिंग ऑनलाइन कर सकें। दीपावली या अन्य त्योहारों पर कभी-कभी अतिरिक्त बोनस (Bonus) या अनुग्रह राशि की घोषणा भी की जाती है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को सहारा प्रदान करती है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Prestige) भी प्राप्त होती है क्योंकि वे सीधे तौर पर ग्रामीण विकास और बच्चों के भविष्य को संवारने का कार्य करती हैं। उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) के समय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुछ एकमुश्त आर्थिक सहायता (One-time Financial Aid) देने की योजना पर भी विचार किया जाता रहा है। यद्यपि यह एक स्वैच्छिक सेवा के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन अब यह महिलाओं के लिए सशक्तिकरण (Empowerment) और आत्मनिर्भर बनने का एक बड़ा माध्यम बन चुकी है।