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लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को कौशल परीक्षण (Skill Test) के लिए आमंत्रित किया जाता है, जो मुख्य रूप से कंप्यूटर पर टंकण (Typing) से संबंधित होता है। यह चरण दो मुख्य भागों में बँटा होता है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी (Hindi and English) दोनों भाषाओं में टाइपिंग की गति का परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक भाषा के लिए 10-10 मिनट का समय दिया जाता है और इसके लिए अलग से अंक (Marks) निर्धारित होते हैं। टाइपिंग में सटीकता (Accuracy) और गति (Speed) दोनों का संतुलन बनाए रखना अंतिम चयन के लिए अनिवार्य है।

हिंदी टाइपिंग के लिए बोर्ड आमतौर पर 'देवलीज' (Devlys) या 'कुर्तीदेव' (Kruti Dev) जैसे मानक फोंट का उपयोग करता है, जबकि अंग्रेजी के लिए 'कैलिबरी' (Calibri) या 'एरियल' (Arial) फोंट का प्रयोग किया जाता है। गति परीक्षण (Speed Test) के साथ-साथ दक्षता परीक्षा (Efficiency Test) भी आयोजित की जाती है, जिसमें उम्मीदवार को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word) और एक्सेल (MS Excel) पर पैराग्राफ फॉर्मेटिंग, टेबल बनाना और अन्य संपादन कार्य करने होते हैं। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अभ्यर्थी कार्यालयी कार्यों (Office Tasks) को डिजिटल रूप से संभालने में सक्षम है।

दक्षता परीक्षा (Efficiency Test) में प्राप्त अंक अंतिम योग्यता सूची (Final Merit List) में जोड़े जाते हैं, इसलिए इसे केवल अर्हकारी (Qualifying) मानना गलत होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक घंटा कंप्यूटर पर अभ्यास (Practice) करें। उंगलियों का सही स्थान और बिना कीबोर्ड देखे टाइप करने की कला (Touch Typing) परीक्षा के तनावपूर्ण वातावरण में बहुत मददगार साबित होती है। सॉफ्टवेयर आधारित टाइपिंग ट्यूटर्स का उपयोग करना अभ्यास को अधिक प्रभावी बना सकता है।

टाइपिंग टेस्ट के दौरान बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए कंप्यूटर और कीबोर्ड (Keyboard) का ही उपयोग करना होता है। परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले अपने कीबोर्ड के बटनों की जांच करना और किसी भी तकनीकी खराबी (Technical Fault) की स्थिति में तुरंत निरीक्षक को सूचित करना चाहिए। शब्दों प्रति मिनट (Words Per Minute - WPM) की गति बढ़ाने के लिए एकाग्रता और निरंतरता आवश्यक है। टाइपिंग में गलतियों पर अंक काटने का कड़ा प्रावधान होता है, इसलिए केवल तेज गति ही नहीं बल्कि शुद्धता (Precision) पर भी ध्यान देना चाहिए।

कौशल परीक्षण के अंक और लिखित परीक्षा के अंकों को मिलाकर एक संयुक्त मेरिट (Combined Merit) तैयार की जाती है। इस चरण में असफल होने पर उम्मीदवार पूरी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाता है, भले ही उसके लिखित परीक्षा में कितने भी अच्छे अंक क्यों न हों। टाइपिंग की तैयारी के लिए सरकारी विभागों में उपयोग होने वाले सामान्य पत्रों और ज्ञापनों (Memorandums) का अभ्यास करना बहुत लाभदायक रहता है। यह चरण उम्मीदवार के धैर्य और तकनीकी निपुणता (Technical Proficiency) की वास्तविक परीक्षा है।

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लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को कौशल परीक्षण (Skill Test) के लिए आमंत्रित किया जाता है, जो मुख्य रूप से कंप्यूटर पर टंकण (Typing) से संबंधित होता है। यह चरण दो मुख्य भागों में बँटा होता है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी (Hindi and English) दोनों भाषाओं में टाइपिंग की गति का परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक भाषा के लिए 10-10 मिनट का समय दिया जाता है और इसके लिए अलग से अंक (Marks) निर्धारित होते हैं। टाइपिंग में सटीकता (Accuracy) और गति (Speed) दोनों का संतुलन बनाए रखना अंतिम चयन के लिए अनिवार्य है।

हिंदी टाइपिंग के लिए बोर्ड आमतौर पर 'देवलीज' (Devlys) या 'कुर्तीदेव' (Kruti Dev) जैसे मानक फोंट का उपयोग करता है, जबकि अंग्रेजी के लिए 'कैलिबरी' (Calibri) या 'एरियल' (Arial) फोंट का प्रयोग किया जाता है। गति परीक्षण (Speed Test) के साथ-साथ दक्षता परीक्षा (Efficiency Test) भी आयोजित की जाती है, जिसमें उम्मीदवार को माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word) और एक्सेल (MS Excel) पर पैराग्राफ फॉर्मेटिंग, टेबल बनाना और अन्य संपादन कार्य करने होते हैं। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अभ्यर्थी कार्यालयी कार्यों (Office Tasks) को डिजिटल रूप से संभालने में सक्षम है।

दक्षता परीक्षा (Efficiency Test) में प्राप्त अंक अंतिम योग्यता सूची (Final Merit List) में जोड़े जाते हैं, इसलिए इसे केवल अर्हकारी (Qualifying) मानना गलत होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ प्रतिदिन कम से कम एक घंटा कंप्यूटर पर अभ्यास (Practice) करें। उंगलियों का सही स्थान और बिना कीबोर्ड देखे टाइप करने की कला (Touch Typing) परीक्षा के तनावपूर्ण वातावरण में बहुत मददगार साबित होती है। सॉफ्टवेयर आधारित टाइपिंग ट्यूटर्स का उपयोग करना अभ्यास को अधिक प्रभावी बना सकता है।

टाइपिंग टेस्ट के दौरान बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए कंप्यूटर और कीबोर्ड (Keyboard) का ही उपयोग करना होता है। परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले अपने कीबोर्ड के बटनों की जांच करना और किसी भी तकनीकी खराबी (Technical Fault) की स्थिति में तुरंत निरीक्षक को सूचित करना चाहिए। शब्दों प्रति मिनट (Words Per Minute - WPM) की गति बढ़ाने के लिए एकाग्रता और निरंतरता आवश्यक है। टाइपिंग में गलतियों पर अंक काटने का कड़ा प्रावधान होता है, इसलिए केवल तेज गति ही नहीं बल्कि शुद्धता (Precision) पर भी ध्यान देना चाहिए।

कौशल परीक्षण के अंक और लिखित परीक्षा के अंकों को मिलाकर एक संयुक्त मेरिट (Combined Merit) तैयार की जाती है। इस चरण में असफल होने पर उम्मीदवार पूरी भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाता है, भले ही उसके लिखित परीक्षा में कितने भी अच्छे अंक क्यों न हों। टाइपिंग की तैयारी के लिए सरकारी विभागों में उपयोग होने वाले सामान्य पत्रों और ज्ञापनों (Memorandums) का अभ्यास करना बहुत लाभदायक रहता है। यह चरण उम्मीदवार के धैर्य और तकनीकी निपुणता (Technical Proficiency) की वास्तविक परीक्षा है।
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