सोशल मीडिया (Social Media) पर मित्रता दिवस की तस्वीरें साझा करना आजकल एक अनिवार्य परंपरा बन गया है, लेकिन इसके कुछ अनकहे नियम और शिष्टाचार (Etiquette) भी हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप जिस मित्र की फोटो डाल रहे हैं, उसकी अनुमति (Permission) जरूर लें। कभी-कभी कुछ तस्वीरें निजी होती हैं या उनमें कोई मित्र अच्छी स्थिति में नहीं दिख रहा होता, इसलिए उनकी निजता (Privacy) का सम्मान करना प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक अच्छी पोस्ट (Post) वही है जो सभी के स्वाभिमान को बनाए रखे।
तस्वीर के साथ लिखे जाने वाले कैप्शन (Caption) में सकारात्मकता और प्रेम होना चाहिए। अपमानजनक शब्दों या ऐसे मजाक (Jokes) से बचें जो आपके मित्र को सार्वजनिक रूप से असहज महसूस करा सकें। यदि आप किसी समूह की फोटो डाल रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपने सभी मित्रों को सही ढंग से टैग (Tag) किया है। यह आपकी समावेशी प्रकृति (Inclusive Nature) को दर्शाता है और किसी को भी उपेक्षित (Neglected) महसूस होने से बचाता है।
सोशल मीडिया पर बहुत अधिक पोस्ट (Oversharing) करने से बचना चाहिए। एक या दो बेहतरीन और अर्थपूर्ण पोस्ट (Meaningful Posts) दर्जनों साधारण पोस्टों से कहीं अधिक प्रभावशाली होती हैं। अपनी पोस्ट में केवल बाहरी दिखावे के बजाय अपनी दोस्ती की गहराई (Depth of Friendship) पर ध्यान केंद्रित करें। हैशटैग (Hashtags) का उपयोग सावधानी से करें ताकि आपकी पोस्ट सही दर्शकों तक पहुँच सके लेकिन यह भीड़भाड़ वाला न लगे। मौलिक और ईमानदार शब्द (Original and Sincere Words) हमेशा अधिक जुड़ाव पैदा करते हैं।
पुराने विवादों या कड़वाहट (Conflicts or Bitterness) को सोशल मीडिया पर लाने से पूरी तरह बचना चाहिए। यह दिन केवल प्यार और एकता (Love and Unity) का जश्न मनाने के लिए है, इसलिए विवादित टिप्पणियों से दूर रहें। यदि कोई मित्र आपके स्टेटस पर कमेंट करता है, तो उसे विनम्रतापूर्वक उत्तर (Reply) देना एक अच्छी शिष्टाचार की निशानी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग आपसी संबंधों में मिठास घोलने के लिए करें न कि दूसरों को नीचा दिखाने के लिए।
अंत में, यह याद रखें कि वर्चुअल दुनिया (Virtual World) से ज्यादा महत्वपूर्ण वास्तविक दुनिया के रिश्ते हैं। केवल फोटो पोस्ट करके ही अपनी जिम्मेदारी खत्म न समझें, बल्कि अपने मित्र को फोन करें या उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलें। सोशल मीडिया केवल एक माध्यम (Medium) है, असली मित्रता तो उन पलों में है जो स्क्रीन के बाहर बिताए जाते हैं। आपकी ऑनलाइन उपस्थिति (Online Presence) आपकी ऑफलाइन वफादारी और सम्मान का प्रतिबिंब होनी चाहिए।