रानी की वाव का Stepwell Design देखने में बहुत सुंदर लगता है। यह केवल एक कुआँ नहीं बल्कि पानी बचाने की पुरानी बुद्धि दिखाता है। यहाँ उतरते ही ठंडा वातावरण महसूस होता है। यह बताता है कि पुराने समय में लोग प्रकृति का कितना सम्मान करते थे।
लोग यहाँ बनी मूर्तियों और सीढ़ियों की खूबसूरती देखकर सोचते हैं कि पानी को सुरक्षित रखने की कितनी समझ थी। हर मंजिल पानी के स्तर के अनुसार बनाई गई थी। इससे पता चलता है कि Stepwell सिर्फ संरचना नहीं बल्कि योजना थी। लोग इसे देखकर प्रभावित होते हैं।
कुछ लोग रानी की वाव की गहराई देखकर कल्पना करते हैं कि गर्मी के दिनों में यह कितनी राहत देता होगा। यहाँ की ठंडी हवा आज भी मन को सुकून देती है। यह अनुभव बताता है कि पुराने लोग मौसम के अनुसार जगह बनाते थे। यह सोच आज भी काम आ सकती है।
यात्री Stepwell Design को पानी की कमी वाली आधुनिक समस्या से जोड़ते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसी संरचनाएँ आज भी प्रेरणा दे सकती हैं। यह डिजाइन पानी बचाने का सरल तरीका दिखाता है। पुराने ज्ञान और आज की जरूरत का सुंदर मेल यहाँ नजर आता है।
रानी की वाव लोगों को बताती है कि भारतीय वास्तुकला केवल सुंदरता के लिए नहीं थी। यह जीवन और प्रकृति को साथ लेकर चलती थी। Stepwell Design इसका प्रमुख उदाहरण है। यही वजह है कि लोग इसे दिल से महसूस करते हैं।