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भारत के राष्ट्रीय ध्वज (Rashtriya Dhwaj) का सम्मान बनाए रखने के लिए भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) का पालन करना हर नागरिक का नैतिक और कानूनी दायित्व (Legal Obligation) है। ध्वज को हमेशा सम्मानजनक स्थान पर फहराया जाना चाहिए जहाँ से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। फहराते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि झंडा पूरी तरह से खुला हो और उसमें कोई गांठ (Knot) न हो। ध्वज को कभी भी जमीन या पानी (Ground or Water) को स्पर्श नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय प्रतीक का अनादर (Disrespect to National Symbol) माना जाता है।

वर्ष 2022 के संशोधनों (Amendments) के बाद, अब नागरिक अपने घरों पर दिन और रात (Day and Night) दोनों समय तिरंगा फहरा सकते हैं, बशर्ते ध्वज खुले स्थान पर हो और उसका अपमान न हो। ध्वज का निर्माण हाथ से बुने हुए, मशीन से बने, सूती, पॉलिएस्टर, रेशमी या खादी (Cotton, Silk, or Khadi) के कपड़े से किया जा सकता है। झंडा फहराते समय हमेशा केसरिया पट्टी को सबसे ऊपर (Saffron at Top) रखना चाहिए। किसी भी स्थिति में ध्वज को उल्टा या आधा झुका हुआ (Half-mast) नहीं फहराना चाहिए, सिवाय सरकारी शोक (State Mourning) के अवसरों के।

ध्वज संहिता के अनुसार, तिरंगे का उपयोग किसी भी प्रकार के व्यावसायिक लाभ (Commercial Gain), विज्ञापनों या निजी पोशाक (Private Dress) के रूप में नहीं किया जा सकता। झंडे पर कुछ भी लिखना या छापना पूरी तरह वर्जित (Prohibited) है। यदि ध्वज क्षतिग्रस्त (Damaged) या गंदा हो गया है, तो उसे सार्वजनिक रूप से नहीं फहराना चाहिए। ऐसे ध्वजों का निपटान (Disposal) अत्यंत सम्मानजनक तरीके से, जैसे कि निजी तौर पर जलाकर या दफन करके किया जाना चाहिए, ताकि उसकी गरिमा बनी रहे।

जब तिरंगे को अन्य ध्वजों के साथ फहराया जाता है, तो उसे हमेशा सबसे दाईं ओर (Rightmost Position) या सबसे ऊँचा रखना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अन्य देशों के ध्वजों के साथ इसे अंग्रेजी वर्णमाला (Alphabetical Order) के अनुसार लगाया जाता है। किसी भी वाहन (Vehicle) पर झंडा फहराने का अधिकार केवल विशिष्ट संवैधानिक अधिकारियों (Constitutional Authorities) को ही प्राप्त है। आम नागरिकों के लिए वाहनों पर स्थायी रूप से झंडा लगाना वर्जित है। यह नियम ध्वज की विशिष्टता (Exclusivity) और उसके उच्च पद को बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं।

राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन करना 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट' (Prevention of Insults to National Honour Act) के तहत एक दंडनीय अपराध (Punishable Offense) है। इसमें कारावास और जुर्माने (Imprisonment and Fine) का प्रावधान है। नियमों की जानकारी होना और उनका पालन करना यह दर्शाता है कि हम अपने राष्ट्र और उसके प्रतीकों (National Symbols) के प्रति कितने जागरूक हैं। तिरंगा हमारी आजादी की मशाल (Torch of Freedom) है, और इसका उचित रखरखाव करना हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।

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भारत के राष्ट्रीय ध्वज (Rashtriya Dhwaj) का सम्मान बनाए रखने के लिए भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) का पालन करना हर नागरिक का नैतिक और कानूनी दायित्व (Legal Obligation) है। ध्वज को हमेशा सम्मानजनक स्थान पर फहराया जाना चाहिए जहाँ से वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। फहराते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि झंडा पूरी तरह से खुला हो और उसमें कोई गांठ (Knot) न हो। ध्वज को कभी भी जमीन या पानी (Ground or Water) को स्पर्श नहीं करने देना चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रीय प्रतीक का अनादर (Disrespect to National Symbol) माना जाता है।

वर्ष 2022 के संशोधनों (Amendments) के बाद, अब नागरिक अपने घरों पर दिन और रात (Day and Night) दोनों समय तिरंगा फहरा सकते हैं, बशर्ते ध्वज खुले स्थान पर हो और उसका अपमान न हो। ध्वज का निर्माण हाथ से बुने हुए, मशीन से बने, सूती, पॉलिएस्टर, रेशमी या खादी (Cotton, Silk, or Khadi) के कपड़े से किया जा सकता है। झंडा फहराते समय हमेशा केसरिया पट्टी को सबसे ऊपर (Saffron at Top) रखना चाहिए। किसी भी स्थिति में ध्वज को उल्टा या आधा झुका हुआ (Half-mast) नहीं फहराना चाहिए, सिवाय सरकारी शोक (State Mourning) के अवसरों के।

ध्वज संहिता के अनुसार, तिरंगे का उपयोग किसी भी प्रकार के व्यावसायिक लाभ (Commercial Gain), विज्ञापनों या निजी पोशाक (Private Dress) के रूप में नहीं किया जा सकता। झंडे पर कुछ भी लिखना या छापना पूरी तरह वर्जित (Prohibited) है। यदि ध्वज क्षतिग्रस्त (Damaged) या गंदा हो गया है, तो उसे सार्वजनिक रूप से नहीं फहराना चाहिए। ऐसे ध्वजों का निपटान (Disposal) अत्यंत सम्मानजनक तरीके से, जैसे कि निजी तौर पर जलाकर या दफन करके किया जाना चाहिए, ताकि उसकी गरिमा बनी रहे।

जब तिरंगे को अन्य ध्वजों के साथ फहराया जाता है, तो उसे हमेशा सबसे दाईं ओर (Rightmost Position) या सबसे ऊँचा रखना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अन्य देशों के ध्वजों के साथ इसे अंग्रेजी वर्णमाला (Alphabetical Order) के अनुसार लगाया जाता है। किसी भी वाहन (Vehicle) पर झंडा फहराने का अधिकार केवल विशिष्ट संवैधानिक अधिकारियों (Constitutional Authorities) को ही प्राप्त है। आम नागरिकों के लिए वाहनों पर स्थायी रूप से झंडा लगाना वर्जित है। यह नियम ध्वज की विशिष्टता (Exclusivity) और उसके उच्च पद को बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं।

राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन करना 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट' (Prevention of Insults to National Honour Act) के तहत एक दंडनीय अपराध (Punishable Offense) है। इसमें कारावास और जुर्माने (Imprisonment and Fine) का प्रावधान है। नियमों की जानकारी होना और उनका पालन करना यह दर्शाता है कि हम अपने राष्ट्र और उसके प्रतीकों (National Symbols) के प्रति कितने जागरूक हैं। तिरंगा हमारी आजादी की मशाल (Torch of Freedom) है, और इसका उचित रखरखाव करना हमारी आने वाली पीढ़ियों के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है।
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