मीनाक्षी टेम्पल दक्षिण भारत की सबसे सुंदर Temple Architecture का उदाहरण माना जाता है। इसके रंगीन गोपुरम दूर से ही नजर आ जाते हैं। हर टॉवर पर कई मूर्तियाँ बनी होती हैं जो इसे अनोखा रूप देती हैं।
यह जानना अच्छा है कि टेम्पल बहुत बड़ा है और अंदर कई हिस्से हैं। हर हिस्सा अलग रंग और डिजाइन में दिखता है। यहाँ की दीवारों और छतों पर बनी पेंटिंग भी बहुत प्रसिद्ध हैं। इन्हें देखने में काफी समय लगता है।
भीड़ अक्सर ज्यादा रहती है इसलिए धीरे चलना बेहतर होता है। गर्मी के समय लोग सुबह का समय चुनते हैं क्योंकि तब वातावरण थोड़ा ठंडा रहता है। यहाँ की घंटियों और मंत्रों की आवाज वातावरण को और पवित्र बनाती है।
टेम्पल के अंदर साफसफाई पर बहुत ध्यान दिया जाता है। पानी, बैठने की जगह और छांव की व्यवस्था भी रहती है जिससे यात्रियों को सुविधा मिलती है। कई लोग टेम्पल के अंदर शांत बैठकर ध्यान भी लगाते हैं।
लोग कहते हैं कि मीनाक्षी टेम्पल रंग, कला और भक्ति का सबसे सुंदर मेल है। इसकी भव्यता हर बार नई लगती है। चाहे कोई कला प्रेमी हो या धार्मिक, यहाँ आना हमेशा एक खास अनुभव रहता है।