माँ परिवार का सबसे बड़ा समर्थन तंत्र (Support System) होती है, जो बिना किसी स्वार्थ के घर के हर सदस्य को सहारा देती है। वह एक मनोवैज्ञानिक (Psychologist), रसोइया, शिक्षक और नर्स की भूमिका एक साथ निभाती है। जब भी परिवार पर कोई वित्तीय या स्वास्थ्य संबंधी संकट (Crisis) आता है, तो माँ ही वह व्यक्ति होती है जो अपना धैर्य (Patience) नहीं खोती। उसकी उपस्थिति ही घर में स्थिरता और सुरक्षा (Stability and Security) का अहसास कराती है।
माँ के त्याग की कहानी (Sacrifice Story) अक्सर शांत और अनदेखी रह जाती है। वह अपने सपनों, अपनी नींद और अपनी पसंद का बलिदान (Sacrifice) केवल इसलिए देती है ताकि उसकी संतान के चेहरे पर मुस्कान रहे। उसने कितनी बार अपनी नई साड़ी के पैसे बचाकर आपके स्कूल की फीस (School Fees) भरी होगी या आपकी पसंदीदा डिश बनाने के लिए अपनी थकान को भुला दिया होगा, इसकी गिनती असंभव है। माँ का त्याग एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया (Continuous Process) है।
कठिन समय में माँ का संबल (Support) ही हमें टूटने से बचाता है। जब दुनिया आप पर विश्वास करना छोड़ देती है, तब भी माँ का 'support system' आपके साथ मजबूती से खड़ा रहता है। वह आपकी असफलताओं (Failures) को अपनी गोद में समेट लेती है और आपको फिर से प्रयास करने की ऊर्जा (Energy) देती है। माँ का प्यार एक ऐसा सुरक्षा कवच (Shield) है जो हमें बाहरी दुनिया की कठोरता से बचाता है।
परिवार के सामंजस्य (Harmony) को बनाए रखने के लिए माँ अक्सर अपनी भावनाओं को दबा लेती है। वह घर के हर सदस्य के बीच एक कड़ी (Link) की तरह काम करती है, जो मनमुटाव को दूर कर प्यार बढ़ाती है। उसका समर्पण (Dedication) ही एक घर को स्वर्ग (Heaven) जैसा बनाता है। माँ का त्याग केवल भौतिक वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय, स्वास्थ्य और अपनी पहचान (Identity) का अर्पण भी है।
माँ के इस महान समर्थन (Great Support) और त्याग को पहचानना और उनका सम्मान करना ही संतान का परम धर्म है। हमें यह समझना चाहिए कि हमारी हर सुख-सुविधा (Comfort) के पीछे माँ की अनगिनत रातों की जागृति छिपी है। उनके प्रति कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करना और उनके बुढ़ापे की लाठी बनना ही उनके त्याग का असली सम्मान है। माँ का प्रेम और उनका समर्थन ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूँजी (Capital) है।