गणित (Mathematics) एक ऐसा विषय है जिसे केवल अभ्यास (Practice) के माध्यम से ही जीता जा सकता है, और सूत्रों का इसमें बहुत बड़ा योगदान है। सूत्रों (Formulas) को रटने के बजाय उनके व्युत्पन्न (Derivation) को समझना सबसे अधिक लाभकारी होता है। जब आप यह जानते हैं कि कोई विशेष सूत्र कैसे बना है, तो परीक्षा के दबाव (Exam Pressure) में उसे भूलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। विशेष रूप से कलन (Calculus) और त्रिकोणमिति (Trigonometry) जैसे अध्यायों में, जहाँ सूत्रों की भरमार है, उनके अनुप्रयोग (Application) को समझना आपकी समस्या समाधान क्षमता (Problem Solving Ability) को बढ़ाता है।
अपने अध्ययन कक्ष (Study Room) में महत्वपूर्ण सूत्रों के चार्ट (Formula Charts) बनाकर चिपकाना एक बहुत ही प्रभावी दृश्य तकनीक (Visual Technique) है। जब आपकी नजर बार-बार इन सूत्रों पर पड़ती है, तो वे आपके अवचेतन मन (Subconscious Mind) में बैठ जाते हैं। बीजगणित (Algebra) और निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) के जटिल सूत्रों के लिए छोटे कार्ड्स या फ्लैश कार्ड (Flash Cards) का उपयोग करें जिन्हें आप कहीं भी साथ ले जा सकें। इस निरंतर संपर्क (Continuous Exposure) से कठिन से कठिन समीकरण (Equations) भी सरल लगने लगते हैं और आपकी याददाश्त (Memory) मजबूत होती है।
नियमित अंतराल पर स्व-मूल्यांकन (Self-assessment) के लिए बिना देखे सूत्रों को लिखने का अभ्यास करना चाहिए। प्रत्येक रविवार को एक विशेष सत्र (Special Session) रखें जहाँ आप पूरे सप्ताह पढ़ाए गए अध्यायों के सूत्रों को एक सादे कागज पर लिखें। यदि आप कहीं अटकते हैं, तो तुरंत अपनी संदर्भ पुस्तक (Reference Book) देखें और उस गलती को सुधारें। यह सक्रिय रिकॉल (Active Recall) तकनीक आपके मस्तिष्क को जानकारी जल्दी खोजने के लिए प्रशिक्षित करती है। याद रखें कि जितनी अधिक बार आप पेन चलाएंगे, उतनी ही गहराई से सूत्र आपकी स्मृति (Permanent Memory) में अंकित होंगे।
गणित में शॉर्टकट ट्रिक्स (Shortcut Tricks) का उपयोग करना भी समय बचाने के लिए बहुत आवश्यक है, लेकिन ये ट्रिक्स मूल सिद्धांतों (Basic Concepts) की जगह नहीं ले सकतीं। आपको यह पता होना चाहिए कि किस विशेष परिस्थिति में कौन सा सूत्र लागू (Apply) करना है। क्रमचय और संचय (Permutations and Combinations) तथा प्रायिकता (Probability) जैसे अध्यायों में तर्कशक्ति (Reasoning Power) का अधिक महत्व है। अपनी एक अलग 'सूत्र डायरी' (Formula Diary) बनाएँ जिसमें आप उन विशेष सूत्रों और ट्रिक्स को लिखें जो आपको कठिन लगते हों।
पिछले वर्षों के प्रश्नों को हल करते समय सूत्रों के विभिन्न रूपों (Variations) को समझने का प्रयास करें। कई बार परीक्षा में प्रश्न सीधे नहीं पूछे जाते, बल्कि उन्हें घुमाकर दिया जाता है, जहाँ आपकी विश्लेषणात्मक सोच (Analytical Thinking) काम आती है। मॉक टेस्ट (Mock Tests) के दौरान समय की पाबंदी के साथ प्रश्नों को हल करने से आपकी गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) दोनों बढ़ती हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive Attitude) और निरंतर अभ्यास ही वह रास्ता है जो आपको गणित में सर्वोच्च अंक (Maximum Marks) दिला सकता है।