Habit टूटना failure नहीं, बल्कि habit-building का हिस्सा है। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि आप habit टूटने के बाद क्या करते हैं।
एक rule अपनाएँ: कभी भी habit दो दिन लगातार मिस ना करें। एक दिन मिस होना normal है, लेकिन दो दिन मिस होना habit को कमजोर कर देता है। इसलिए एक दिन miss हो जाए तो अगले दिन सिर्फ 5 मिनट भी कर लें।
जब habit टूटे, guilt मत लाएँ। Guilt आपको habit छोड़ने पर मजबूर करता है। Habit टूटने को एक data point की तरह देखें—आज क्यों नहीं हो पाई? किस वजह से routine disturb हुआ?
हर habit का एक छोटा version रखें, जैसे पूरा workout नहीं हो पाए तो पाँच मिनट walk, पूरी किताब नहीं पढ़ पाए तो एक पेज, journaling नहीं हो पाई तो दो पंक्तियाँ। इससे continuity बनी रहती है।
Habit tracker रखें। दिन पर छोटा सा हरा निशान लगाना दिमाग को reward देता है और consistency मजबूत करता है।
अगर habit टूट जाए तो environment को फिर से reset करें। जैसे table साफ करें, reminders लगा दें, distraction हटाएँ। नया environment नए behavior को push करता है।
अंत में, अपने goal या reason को याद करें। जब आप जानते हैं कि आपने habit क्यों शुरू की थी, तो track पर लौटना आसान हो जाता है।
लगातार practice से habit टूटना कम होता है और लौटना आसान बनता जाता है।