Emotionally sensitive होना कोई कमी नहीं, बल्कि यह दर्शाता है कि आप अपने अंदर की feelings को गहराई से महसूस करते हैं। लेकिन अगर sensitivity control में नहीं रहे तो यह overthinking और stress पैदा करती है। Mind calm करने का सबसे प्रभावी तरीका है emotional labeling।
जब कोई emotion आए, उसे पहचानें और उसका नाम अपने आप से बोलें—जैसे “मुझे hurt लग रहा है” या “मैं disappointed हूँ।” दिमाग जब emotion का नाम सुनता है, तो वह reaction से निकलकर processing mode में चला जाता है। धीरे-धीरे आप situations को ज्यादा maturity से देखना शुरू करते हैं।
इसके साथ ही यह समझना जरूरी है कि हर बात पर react करना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी silence आपको ज्यादा मजबूत बनाता है। यह habit आपको mentally stable, calm और emotionally balanced बनाती है।