ऑफिस में groupism बहुत common है, और अकेले व्यक्ति को इससे सबसे ज्यादा परेशानी होती है। पहले यह समझना जरूरी है कि अकेला होना कमजोरी नहीं है। कई बार स्वतंत्र रहकर काम करने से creativity बढ़ती है। अकेलापन confidence कम नहीं करता, जब सोच सकारात्मक हो।
काम पर ध्यान रखना समूहों में उलझने से ज्यादा फायदेमंद होता है। अच्छा work performance आपकी पहचान बनाता है। जब लोग आपके काम की प्रशंसा करते हैं तो self confidence अपने आप बढ़ता है। काम में sincerity और regularity बहुत असर डालती है। इससे आपका विश्वास और मजबूत होता है।
groupism को avoid करने का सबसे अच्छा तरीका है कि खुद शांत और सम्मानजनक बने रहें। दूसरों की गलत बातों को मन पर न लें। ऑफिस की every group की बातों में न पड़ना ही बेहतर होता है। सकारात्मक माहौल खुद बनाना पड़ता है। इस माहौल से मन मजबूत रहता है।
जरूरत पड़ने पर किसी एक अच्छे colleague से बातचीत करना अच्छा रहता है। हर ऑफिस में एक ऐसा व्यक्ति जरूर होता है जो समझदार और संतुलित हो। उस व्यक्ति से बात करने से मन हल्का होता है। उनका support confidence बढ़ाता है। workplace में ऐसे छोटे supports बहुत मदद करते हैं।
सबसे जरूरी बात यह है कि खुद पर भरोसा बनाए रखें। self confidence तभी मजबूत रहता है जब व्यक्ति अपनी value जानता हो। अपने skills और qualities को पहचानें और उन्हें बेहतर बनाते रहें। ऑफिस में स्थान skills से बनता है, groupism से नहीं। धीरे-धीरे लोग भी आपके positive behavior का सम्मान करने लगते हैं।