ब्रेकअप के बाद बार बार रोना एक natural emotional reaction माना जाता है. इसका मतलब यह नहीं कि आप कमजोर हैं बल्कि इसका अर्थ है कि आपके मन ने बहुत गहरा attachment बनाया था. जब attachment टूटता है तो heart अपना stress आँसू से बाहर निकालता है. इसलिए रोने को गलत महसूस करने की जरूरत नहीं होती.
Emotional control बेहतर करने के लिए feelings को दबाने की बजाय समझना जरूरी होता है. जब आप यह स्वीकार करते हैं कि मन दुखी है, तो उसका pressure कम होने लगता है. Acceptance emotional healing के लिए एक बहुत strong tool माना जाता है. इससे heart धीरे धीरे stable होता है.
रोने को कम करने के लिए daily routine में हल्की activities जोड़ना मदद करता है. जैसे थोड़ी walk, music या nature के बीच कुछ समय बिताना. ये simple activities brain को calm signal भेजती हैं और emotional waves धीरे होने लगती हैं. इससे रोना कम महसूस होता है.
Deep breathing भी emotional control को मजबूत बनाती है. जब सांस धीरे और गहरी ली जाती है तो nervous system शांत होता है. इससे body और mind दोनों एक साथ relax होने लगते हैं. रोने की इच्छा भी धीरे धीरे कम होती है.
अगर रोना लगातार बढ़ रहा हो तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से simple बातचीत करना अच्छा रहता है. Emotional support दिल का बोझ हल्का करता है और healing fast होती है. इससे मन को यह महसूस होता है कि वह अकेला नहीं है.