कर्ज बढ़ने पर लोग सबसे पहले डर महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें repayment का साफ तरीका नहीं दिखता। जब अलग अलग loan की EMI हर महीने बढ़ती है, तो तनाव और बढ़ जाता है। इस स्थिति में कई लोग खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं। लेकिन असल में Debt Control के कई आसान तरीके होते हैं जिन्हें लोग समय पर अपनाते नहीं हैं। सही जानकारी ही मन का डर कम कर सकती है।
कर्ज बढ़ने की असली वजह कई बार planning की कमी होती है। लोग अपनी income और खर्च का संतुलन नहीं देख पाते जिससे EMI manage करना कठिन हो जाता है। अगर शुरू में ही spending control कर लिया जाए तो debt तेजी से कम हो सकता है। इसलिए planning को सबसे बड़ा हथियार माना जाता है। छोटी आदतें भी बड़ी मदद देती हैं।
Debt Control में सबसे जरूरी step होता है priority तय करना। हर कर्ज को बराबर नहीं चुकाया जाना चाहिए। High interest loan पहले clear करने से total burden बहुत कम हो जाता है। यह तरीका कई expert भी recommend करते हैं। इससे borrower को जल्दी राहत मिलती है।
कर्ज घटाने के लिए कई लोग side income भी शुरू करते हैं। छोटी कमाई भी EMI को हल्का कर देती है। इसके अलावा कई लोग unwanted खर्च हटाकर debt repayment बढ़ाते हैं। यह तरीका simple है लेकिन असर मजबूत देता है। discipline इसमें सबसे महत्वपूर्ण है।
अगर कर्ज बहुत ज्यादा हो जाए तो banker से बात करना फायदेमंद रहता है। Bank कई बार low interest option, restructuring या extension दे देता है। लोगों को लगता है कि bank मदद नहीं करेगा लेकिन असल में bank भी customer loss नहीं चाहता। बातचीत ही solution निकालने का सबसे आसान तरीका है।