कम आय में दो तीन debts संभालना थोड़ा मुश्किल लगता है लेकिन सही तरीका अपनाया जाए तो आसान हो जाता है। सबसे पहले जरूरी है कि आप साफ देखें कि किस debt पर कितना interest rate लग रहा है। इस जानकारी से पता चलता है कि किस payment को priority देनी चाहिए। धीरे धीरे confusion भी कम होता है और रास्ता साफ हो जाता है। ये शुरुआत बहुत जरूरी है.
Credit card bill हमेशा सबसे ऊपर रखना चाहिए क्योंकि इस पर interest सबसे तेज बढ़ता है। Debt Management experts भी यही कहते हैं कि credit card का पूरा bill clear करना सबसे फायदेमंद होता है। Minimum payment देने की गलती से बचना जरूरी है क्योंकि इससे loan और बढ़ता है। इसलिए कोशिश रहे कि हर महीने पूरा bill चुक जाए। इससे burden हल्का होता है.
Personal loan को भी एक नियमित EMI की तरह देखना चाहिए। EMI में delay हो जाए तो penalty और interest दोनों बढ़ जाते हैं जो भविष्य में बड़ा दबाव बनाते हैं। EMI को हमेशा fixed date से पहले clear रखने की आदत बनाना जरूरी है। अगर income बहुत कम है तो bank से EMI restructure की request भी की जा सकती है। यह option बहुत लोगों के काम आता है.
Saving habit कम आय वालों के लिए सबसे बड़ा support बनती है। हर महीने थोड़ी सी राशि side में रखने से emergency में भी debt disturb नहीं होता है। खर्चों में कटौती करके थोड़ा पैसा निकाल पाना जरूरी होता है। Smartphone, travel, food जैसी चीजों में थोड़ा control काफी असर डालता है। जितनी बचत, उतना आसान repayment.
कुछ लोग debt snowball method भी अपनाते हैं, जिसमें छोटे loan पहले clear किए जाते हैं। इससे confidence बढ़ता है और repayment की speed भी बढ़ती है। जब छोटे loans खत्म हो जाते हैं, तब बड़े loan पर concentrate करना आसान हो जाता है। इस method से कई लोगों ने कम आय पर भी अपने debts clear किए हैं। धैर्य और consistency से हर debt manageable हो जाता है.