Carry-On Luggage (कैरी-ऑन सामान) वे बैग होते हैं जिन्हें यात्री उड़ान (Flight) के दौरान अपने साथ Cabin (केबिन) में ले जाते हैं। Size Limits (आकार सीमा) हर Airline (एयरलाइन) के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन अधिकांश भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइनों (International Airlines) के लिए Standard (मानक) सीमा लगभग 55 x 35 x 25 सेंटीमीटर (ऊँचाई x चौड़ाई x गहराई) होती है, जिसमें पहिये (Wheels) और Handles (हैंडल) भी शामिल होते हैं।
इन Size Limits को मापना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हर Airline के पास Overhead Bins (ऊपर के डिब्बे) और सीट के नीचे की जगह (Under-Seat Space) की सीमित Capacity (क्षमता) होती है। यदि आपका Carry-On Bag निर्धारित सीमा से बड़ा है, तो उसे उड़ान से पहले Gate (गेट) पर चेक (Check) करने के लिए मजबूर किया जा सकता है, जिसके लिए आपको अतिरिक्त शुल्क (Extra Fees) देना पड़ सकता है।
Strict Enforcement (सख्त प्रवर्तन) का एक और कारण सुरक्षा (Safety) है। बहुत बड़े Carry-On Bags Cabin में भीड़भाड़ (Clutter) पैदा कर सकते हैं और आपात स्थिति (Emergency) में निकासी (Evacuation) को धीमा कर सकते हैं। हर एयरलाइन यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यात्रियों का सामान सुरक्षित रूप से Stowed (भंडारित) हो।
यात्रियों को हमेशा अपनी विशिष्ट Airline की Official Website (आधिकारिक वेबसाइट) पर जाकर उनके नवीनतम Carry-On Rules (कैरी-ऑन नियम) की जाँच करनी चाहिए। कुछ Budget Airlines (बजट एयरलाइन्स) बहुत सख्त सीमाएँ (Strict Limits) रखती हैं और वे वजन (Weight) पर भी ध्यान देती हैं, न कि सिर्फ आकार पर।
अपने Carry-On को मापने के लिए, हमेशा पहियों और हैंडल को भी शामिल करें। कई बार यात्री सिर्फ बैग के मुख्य शरीर (Main Body) को मापते हैं और Gate पर पहुँचकर समस्या का सामना करते हैं। सही आकार का Carry-On Bag आपकी यात्रा को Hassle-Free (परेशानी मुक्त) और कुशल (Efficient) बनाता है।