मसालों (Spices) को लंबे समय तक सुगंधित (aromatic) और ताज़ा (fresh) रखना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि भारतीय रसोई (Indian Kitchen) में इनका स्वाद (flavour) ही भोजन (food) का मुख्य आधार (main base) होता है। यदि मसाले अपनी सुगंध और शक्ति (potency) खो देते हैं, तो व्यंजन (dish) का स्वाद फीका (bland) हो जाता है।
मसालों को स्टोर करने का सबसे पहला नियम है उन्हें गर्मी (Heat), रोशनी (Light), और नमी (Moisture) से दूर रखना। ये तीनों चीजें मसालों में वाष्पशील तेलों (volatile oils) को तेज़ी से वाष्पित (evaporate) कर देती हैं, जिससे उनकी सुगंध कम हो जाती है। इसलिए, मसालों के डिब्बों (containers) को स्टोव (Stove) के पास या खिड़की (window) के पास नहीं रखना चाहिए।
मसालों को हमेशा एयरटाइट कंटेनर (Airtight Containers) में ही स्टोर करें। कांच (Glass) या स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) के डिब्बे सबसे अच्छे होते हैं, क्योंकि वे मसालों को हवा (Air) और नमी से बचाते हैं। प्लास्टिक (Plastic) के डिब्बे कुछ समय बाद मसालों की सुगंध को सोख (absorb) सकते हैं, जिससे अन्य (other) मसालों का स्वाद भी प्रभावित होता है।
साबुत मसाले (Whole Spices), जैसे इलायची (Cardamom), लौंग (Cloves), और दालचीनी (Cinnamon), पिसे हुए मसालों (Ground Spices) की तुलना में अधिक समय तक ताज़ा रहते हैं। इसलिए, साबुत मसालों को ही खरीदना और उन्हें छोटे बैच (small batch) में ही पीसना (grind) सबसे अच्छा तरीका है। पिसे हुए मसाले साबुत मसालों की तुलना में अपनी सुगंध तेज़ी से खो देते हैं।
मसालों को स्टोर करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप उन्हें हमेशा ठंडी (Cool) और सूखी (Dry) जगह पर रखें। पेंट्री (Pantry) या अलमारी (Cupboard) की ऐसी जगह जहाँ तापमान (Temperature) स्थिर (stable) रहता हो, सबसे उपयुक्त (suitable) है। मसालों को ज़्यादा मात्रा (large quantity) में खरीदने से बचें, भले ही वे सस्ते हों, क्योंकि उनका उपयोग न करने पर वे अपनी गुणवत्ता (quality) खो देते हैं।