तेल (Oil) और घी (Ghee) की खपत (consumption) कम करके भी खाना (Food) स्वादिष्ट (tasty) और हेल्दी (healthy) बनाया जा सकता है। भारतीय व्यंजनों (Indian Cuisine) में मसालों (Spices) और भूनने (sautéing) की तकनीक (technique) पर ध्यान केंद्रित (focus) करके, आप तेल की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं और बजट (Budget) बचा सकते हैं।
सबसे पहले, खाना पकाने के लिए हमेशा नॉन-स्टिक बर्तन (Non-Stick Utensils) का उपयोग करें। नॉन-स्टिक बर्तन कम तेल या घी में भी सामग्री (ingredients) को चिपकने (sticking) से रोकते हैं। मसालों (Spices) और प्याज (Onion) को भूनने (sautéing) के लिए तेल के बजाय पानी (Water) या सब्जी के शोरबे (Vegetable Stock) का उपयोग करें, जिसे 'वॉटर साउटेइंग' (Water Sautéing) कहा जाता है। जैसे ही सामग्री चिपकने लगे, 1-2 चम्मच पानी डालकर उसे भूनें।
दूसरा महत्वपूर्ण (important) कदम है मसालों का सही और भरपूर उपयोग। तेल के बिना, मसालों की सुगंध (aroma) ही स्वाद (flavour) को बढ़ाती है। जीरा (Cumin), धनिया (Coriander), हल्दी (Turmeric) और गरम मसाला (Garam Masala) जैसे मसालों को पहले सूखा (dry) भूनकर (roast) फिर पानी के साथ पेस्ट (paste) बनाकर उपयोग करने से उनका स्वाद बहुत उभरकर आता है।
सब्जियों (Vegetables) को स्वादिष्ट बनाने के लिए, उन्हें भाप (Steam) में पकाएँ या ढककर (covered) उनके अपने प्राकृतिक (natural) रस (juice) में पकाएँ। उदाहरण के लिए, लौकी (Lauki), भिंडी (Bhindi) या पत्ता गोभी (Cabbage) को ढककर पकाने से वे भाप से नरम (soft) हो जाते हैं और आपको अतिरिक्त (extra) तेल डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
दाल (Dal) या सब्ज़ी (Sabzi) में तड़का (Tempering) लगाने के लिए, आप अंत में एक चम्मच तेल या घी का उपयोग करने के बजाय, उसे बनाने के बाद ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस (Lemon Juice) और बारीक कटा हुआ हरा धनिया (Coriander Leaves) डालें। यह स्वाद को बढ़ाता है और तेल की आवश्यकता को कम करता है।
यदि आपको तेल का उपयोग करना ही है, तो जैतून का तेल (Olive Oil) या सरसों का तेल (Mustard Oil) जैसे स्वास्थ्यवर्धक (healthier) तेलों का उपयोग करें और मात्रा (quantity) को नापकर (measure) डालें, अंदाज़े (guesswork) से नहीं। कम तेल या घी में खाना बनाना न केवल बजट बचाता है, बल्कि यह आपके हृदय (heart) के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।