घर पर रसगुल्ला (Rasgulla) बनाते समय उसका फटना (cracking) एक आम समस्या (common problem) है, जिसका मुख्य कारण (main reason) छेना (Chhena) तैयार करने और उसे गूंथने (kneading) की विधि (method) में कमी होना है। छेना रसगुल्ले का आधार (base) होता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता (quality) पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।
छेना बनाने के लिए, फुल क्रीम दूध (Full Cream Milk) को नींबू का रस (Lemon Juice) या सिरका (Vinegar) डालकर फाड़ें (curdle)। छेना बनने के बाद, इसे तुरंत (immediately) मलमल के कपड़े (Muslin Cloth) में छान लें। छेना से सारा अतिरिक्त पानी (excess water) निचोड़ना (squeeze) नहीं चाहिए; छेना में थोड़ी सी नमी (moisture) बनी रहनी चाहिए ताकि वह नरम (soft) रहे।
अब, छेना को एक बड़ी प्लेट (plate) या परात में निकालें। इसे अपनी हथेली (palm) के निचले हिस्से (heel) का उपयोग करके अच्छी तरह से मसलें (mash) या गूंथें (knead)। छेना को कम से कम 10 से 15 मिनट तक गूंथना चाहिए, जब तक कि वह पूरी तरह से चिकना (smooth) न हो जाए और उसमें से घी (Ghee) निकलने न लगे। गूंथने से छेना में मौजूद वसा (fat) और प्रोटीन (protein) अच्छी तरह से मिल जाते हैं।
गूंथने के बाद, छेना को छोटे-छोटे और समान आकार (equal size) की गोलियों (balls) में बाँट लें। गोलियाँ बनाते समय यह सुनिश्चित (ensure) करें कि उनमें कोई दरार (crack) न हो। गोलियों में दरार होने पर वे चाशनी (Sugar Syrup) में डालते ही फट (burst) जाती हैं। गोलियाँ बनाते समय हल्के हाथ का इस्तेमाल करें।
अंत में, रसगुल्लों को तेज़ उबाल (rapid boil) वाली चाशनी में पकाना (cook) चाहिए। चाशनी बहुत पतली (thin) होनी चाहिए (इसमें कोई तार-string नहीं बनना चाहिए)। रसगुल्लों को कम से कम 15-20 मिनट तक ढककर (cover) तेज़ आँच (high flame) पर पकाएँ। भाप (steam) अंदर ही बनी रहती है, जिससे रसगुल्ले अच्छी तरह से फूलते (puff up) हैं और फटते (crack) नहीं हैं।