नकारात्मक विचार (Negative Thoughts) जैसे 'मैं यह नहीं कर सकता' या 'इसका कोई फायदा नहीं है' आत्म-अनुशासन (Self-Discipline) और फोकस (Focus) को सबसे ज़्यादा नुकसान (Harm) पहुँचाते हैं। इन विचारों पर काबू पाने के लिए केवल उन्हें दबाने (Suppressing) के बजाय, उन्हें पहचानने (Identifying) और उनका प्रबंधन (Managing) करने की आवश्यकता होती है।
सबसे पहले, अपने नकारात्मक विचारों को पहचानें और उन्हें स्वीकारें (Acknowledge)। जब कोई नकारात्मक विचार आता है, तो उसे 'फाइट' (fight) न करें। बस यह पहचानें कि 'यह सिर्फ एक विचार है, यह हकीकत (Reality) नहीं है।' नकारात्मक विचारों को अपनी भावनाओं (Emotions) से अलग (Separate) करें।
एक बार जब आप विचार को पहचान लेते हैं, तो उसे एक 'विचार डंप' (Thought Dump) नोटबुक (Notebook) में लिख लें। विचारों को लिखने से वे आपके दिमाग से बाहर निकल जाते हैं और आपके फोकस (Focus) को बाधित (Hinder) करना बंद कर देते हैं। आप उन्हें बाद में (Later) देखने का वादा (Promise) खुद से कर सकते हैं।
अपने नकारात्मक विचार को एक सकारात्मक प्रतिस्थापन (Positive Replacement) से बदलें। उदाहरण के लिए, यदि विचार आता है 'मैं आज बहुत आलसी (Lazy) हूँ', तो तुरंत इसे बदलें 'मैं सिर्फ 5 मिनट शुरू करूँगा, और मैं एक अनुशासित व्यक्ति हूँ जो प्रयास (Efforts) करता है।' सकारात्मक प्रतिज्ञान (Affirmation) आपके मस्तिष्क को प्रशिक्षित (Train) करता है।
माइंडफुलनेस (Mindfulness) और गहरी साँस (Deep Breathing) का अभ्यास करें। जब नकारात्मक विचार अत्यधिक (Excessive) हो जाएँ, तो काम रोकें और 1 मिनट के लिए अपनी साँस (Breath) पर ध्यान दें। यह आपको वर्तमान क्षण (Present Moment) पर वापस लाता है और नकारात्मकता (Negativity) को कम करता है।
नकारात्मक विचारों के बावजूद कार्रवाई (Action) करें। आत्म-अनुशासन का अर्थ है अपने विचारों की परवाह (Care) किए बिना काम करना। अपनी भावनाओं को अपने कार्यों को निर्देशित (Direct) न करने दें। बस अगले छोटे कदम (Next Small Step) पर ध्यान दें।