सामाजिक परिस्थितियों (Social Situations) में घबराहट (Nervousness) या सामाजिक चिंता (Social Anxiety) को कम करने के लिए क्रमिक (Gradual) अभ्यास (Practice) और मानसिक तैयारी (Mental Preparation) की आवश्यकता होती है। यह डर (Fear) अक्सर 'अज्ञात' (Unknown) और 'निर्णय' (Judgment) के डर से आता है।
सबसे पहले, 'छोटे जोखिम' (Small Risks) लेना शुरू करें। बड़ी पार्टी (Party) में जाने के बजाय, किसी अनजान व्यक्ति (Stranger) से बस (Bus) में या दुकान (Shop) पर एक छोटा, साधारण सवाल (Simple Question) पूछें (जैसे, 'समय क्या हुआ है?'). ये छोटे कदम (Small Steps) सामाजिक इंटरेक्शन (Interaction) के प्रति आपकी संवेदनशीलता (Sensitivity) को कम करते हैं।
दूसरा, अपनी श्वास (Breathing) पर ध्यान केंद्रित (Focus) करें। सामाजिक बातचीत (Conversation) शुरू करने से पहले, 3-4 गहरी साँसें (Deep Breaths) लें। गहरी श्वास आपके तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत (Calm) करती है और आपको पैनिक मोड (Panic Mode) में जाने से रोकती है।
बातचीत (Conversation) में सवाल पूछने (Asking Questions) पर ध्यान दें, खुद के बारे में बात करने पर नहीं। जब आप दूसरों में वास्तविक रुचि (Genuine Interest) दिखाते हैं, तो आप अपने ऊपर ध्यान (Spotlight) कम करते हैं। इससे आप कम दबाव (Pressure) महसूस करते हैं और सामने वाला व्यक्ति आपको पसंद (Like) भी करता है।
अस्वीकृति (Rejection) को व्यक्तिगत (Personal) रूप से न लें। यदि कोई बातचीत ठीक नहीं होती है या कोई व्यक्ति आपके साथ बात करने में रुचि नहीं दिखाता है, तो यह उनकी प्राथमिकता (Preference) है, न कि आपके मूल्य (Value) का प्रतिबिंब (Reflection)। हर सामाजिक स्थिति से सीखने (Learning) का लक्ष्य रखें।