भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) यानी ईक्यू (EQ) किसी व्यक्ति (Individual) की वह क्षमता (Ability) है जिसके द्वारा वह अपनी (Own) और दूसरों (Others) की भावनाओं (Emotions) को पहचानता (Identify) है, समझता (Understand) है, और उनका प्रभावी (Effectively) ढंग से प्रबंधन (Manage) करता है। यह केवल बुद्धि (Intelligence) या आईक्यू (IQ) से अलग है।
ईक्यू (EQ) आवश्यक (Necessary) है क्योंकि यह सीधे (Directly) हमारे सामाजिक संबंधों (Social Relationships) और पेशेवर सफलता (Professional Success) को प्रभावित (Influence) करता है। उच्च ईक्यू वाला व्यक्ति संघर्षों (Conflicts) को बेहतर ढंग से संभालता है, दूसरों के साथ सहयोग (Cooperation) कर सकता है, और कठिन परिस्थितियों (Difficult Situations) में भी शांत (Calm) रह सकता है।
व्यक्तिगत (Personal) रूप से, ईक्यू आत्म-जागरूकता (Self-Awareness) को बढ़ावा (Promote) देता है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि तनाव (Stress), क्रोध (Anger), या दुःख (Sadness) जैसी भावनाएँ हमारे विचारों (Thoughts) और व्यवहार (Behavior) को कैसे प्रभावित (Affect) करती हैं।
यह हमें भावनाओं को नियंत्रित (Control) करने की शक्ति (Power) देता है, जिसे आत्म-नियमन (Self-Regulation) कहा जाता है। इसका मतलब है कि हम किसी भी भावना पर तुरंत (Immediately) प्रतिक्रिया (React) करने के बजाय, सोच-समझकर (Thoughtfully) जवाब देते हैं।