आईपीएल नीलामी (IPL Auction) एक वार्षिक (Annual) या कभी-कभी द्विवार्षिक (Biennial) प्रक्रिया (Process) है जिसके तहत इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League - IPL) की दस (Ten) फ्रेंचाइजी (Franchises) अपने स्कवॉड (Squad) को पूरा (Complete) करने के लिए क्रिकेट खिलाड़ियों (Cricketers) पर बोली (Bid) लगाती हैं। यह एक सार्वजनिक (Public) कार्यक्रम (Event) होता है जहाँ बोली लगाने वाले (Bidders) (टीम के मालिक या प्रतिनिधि) खिलाड़ियों (Players) को अपनी टीम (Team) में शामिल (Include) करने के लिए प्रतिस्पर्धा (Compete) करते हैं।
यह नीलामी (Auction) इसलिए ज़रूरी (Important) है क्योंकि यह आईपीएल (IPL) में संतुलन (Balance) बनाए रखने (Maintain) का काम करती है। नीलामी (Auction) यह सुनिश्चित (Ensures) करती है कि सभी टीमों (Teams) को समान (Equal) रूप से अपनी टीम बनाने (Build) का मौका मिले और किसी एक टीम (Team) के पास सभी सर्वश्रेष्ठ (Best) खिलाड़ी (Players) न हों।
नीलामी (Auction) खिलाड़ियों (Players) के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण (Crucial) है क्योंकि यह उनकी कमाई (Earnings) और मूल्य (Value) को निर्धारित (Determines) करती है। एक अच्छा प्रदर्शन (Good Performance) करने वाले खिलाड़ी (Player) को नीलामी (Auction) में उसकी बेस प्राइस (Base Price) से कई गुना (Many Times) ज़्यादा कीमत (Price) मिल सकती है।
नीलामी (Auction) में फ्रेंचाइजी (Franchises) के पास एक निश्चित बजट सीमा (Budget Cap) होती है जिसे पर्स वैल्यू (Purse Value) कहा जाता है। उन्हें इस सीमा (Limit) के भीतर (Within) ही अपने पूरे स्कवॉड (Squad) को खरीदना (Buy) होता है, जो खरीद (Purchase) की प्रक्रिया (Process) को और भी रणनीतिक (Strategic) बना देता है।