NDA 2 परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे अच्छी किताबों का चयन (selection) उम्मीदवार की रणनीति (strategy) और उसके विषयों की समझ (understanding) पर निर्भर करता है। परीक्षा दो मुख्य खंडों (sections) में विभाजित है: गणित (Mathematics) और सामान्य योग्यता परीक्षा (General Ability Test - GAT)। गणित के लिए, NCERT की 11वीं और 12वीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकें (textbooks) आधारभूत (foundational) समझ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन किताबों में दिए गए उदाहरणों (examples) और अभ्यासों (exercises) को पूरी तरह से हल करना आवश्यक है।
इसके अलावा, गणित के अभ्यास (practice) के लिए आर.एस. अग्रवाल (R.S. Aggarwal) या आर.डी. शर्मा (R.D. Sharma) जैसे लेखकों की उच्च स्तरीय (advanced level) किताबें उपयोगी हो सकती हैं, जो विभिन्न प्रकार के प्रश्नों (types of questions) का अनुभव प्रदान करती हैं। सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) खंड में अंग्रेजी (English), भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry), सामान्य विज्ञान (General Science), इतिहास (History), भूगोल (Geography), और करेंट अफेयर्स (Current Affairs) शामिल हैं। अंग्रेजी के लिए, पी.सी. बक्सी (P.C. Bakshi) या रेन एंड मार्टिन (Wren & Martin) की व्याकरण (grammar) की किताबें बहुत सहायक हैं।
विज्ञान (Science) विषयों के लिए, 9वीं और 10वीं कक्षा की NCERT पुस्तकें आधारभूत सिद्धांतों (basic principles) को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि 11वीं और 12वीं की NCERT पुस्तकें गहन (in-depth) ज्ञान प्रदान करती हैं। इतिहास और भूगोल के लिए, NCERT की 9वीं से 12वीं कक्षा तक की किताबें ही पर्याप्त हैं, क्योंकि NDA में प्रश्न सीधे इन स्रोतों से पूछे जाते हैं। करेंट अफेयर्स के लिए, उम्मीदवारों को नियमित रूप से समाचार पत्र (newspapers) और प्रतिष्ठित (reputed) मासिक पत्रिकाओं (monthly magazines) को पढ़ना चाहिए।
तैयारी को और मजबूत करने के लिए, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र (previous years' question papers) और मॉक टेस्ट (Mock Tests) की किताबें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये किताबें परीक्षा पैटर्न (exam pattern), समय प्रबंधन (time management), और पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार को समझने में मदद करती हैं। किसी भी एक प्रकाशक (publisher) की व्यापक (comprehensive) गाइड बुक (guide book) का उपयोग भी किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह नवीनतम पाठ्यक्रम (latest syllabus) पर आधारित हो।
अंततः, अच्छी किताबों के साथ-साथ निरंतर अभ्यास (continuous practice), समय सारणी (timetable) का पालन और नियमित संशोधन (regular revision) ही सफलता की कुंजी है। उम्मीदवारों को अपनी कमजोरियों (weaknesses) और ताकतों (strengths) को पहचानकर उसके अनुसार अपनी अध्ययन सामग्री (study material) का चयन करना चाहिए।