फुटबॉल मैच (Football Match) में 'पेनल्टी किक' (Penalty Kick) तब दी जाती है जब एक डिफेंडिंग टीम (Defending Team) का खिलाड़ी अपने पेनल्टी एरिया (Penalty Area) (जिसे 'बॉक्स' भी कहा जाता है) के भीतर कोई ऐसा फाउल (foul) करता है जिसके लिए सामान्यतः खेल के मैदान (field of play) पर डायरेक्ट फ्री किक (Direct Free Kick) दी जाती। यह नियम आक्रामक टीम (Attacking Team) को गोल (Goal) करने का एक बेहतरीन मौका प्रदान करता है।
पेनल्टी किक दिए जाने वाले सामान्य फाउल (common fouls) में जानबूझकर गेंद को हाथ से छूना (हैंडबॉल - Hand Ball), विरोधी खिलाड़ी को धक्का देना (पुशिंग - pushing), लात मारना (किकिंग - kicking) या ट्रिपिंग (tripping) करना, या बिना गेंद को छुए विरोधी खिलाड़ी को टैकल (tackle) करना शामिल है। इन सभी फाउल को पेनल्टी एरिया के भीतर करने पर ही पेनल्टी किक दी जाती है।
पेनल्टी किक लेने के लिए गेंद को पेनल्टी स्पॉट (Penalty Spot) पर रखा जाता है, जो गोल से 12 गज (yards) की दूरी पर होता है। किक लेते समय, गेंद और गोलकीपर (Goalkeeper) के अलावा सभी खिलाड़ी पेनल्टी एरिया के बाहर और किक लेने वाले खिलाड़ी से कम से कम 10 गज की दूरी पर, पेनल्टी आर्क (Penalty Arc) के पीछे खड़े रहते हैं।
गोलकीपर का कार्य किक लिए जाने तक अपनी गोल रेखा (Goal Line) पर रहना होता है, हालाँकि वह गेंद को रोकने के लिए दाएं या बाएं हट सकता है। किक लेने वाला खिलाड़ी गेंद को सीधे गोल में मारता है, और गोलकीपर के पास इसे रोकने का केवल एक ही प्रयास होता है। यदि किक गोल में जाती है, तो उसे गोल माना जाता है।
पेनल्टी किक को फुटबॉल के खेल में सबसे कड़ा दंड (toughest penalty) माना जाता है क्योंकि गोल होने की संभावना (probability) बहुत अधिक होती है। यह नियम डिफेंडिंग टीम को अपने पेनल्टी क्षेत्र के भीतर अत्यधिक सावधानी (extreme caution) बरतने के लिए मजबूर करता है ताकि वे आक्रामक खेल का उपयोग न करें और अपने लक्ष्य की रक्षा (defend their goal) करते हुए नियमों का पालन (adhere to rules) करें।