फुटबॉल में खिलाड़ियों को येलो (Yellow) और रेड कार्ड (Red Card) उनके द्वारा किए गए फाउल (fouls) या अनुचित व्यवहार (misconduct) के लिए एक अनुशासनात्मक (disciplinary) उपाय के रूप में दिए जाते हैं। इन कार्डों का उपयोग रेफरी (Referee) द्वारा खेल के नियमों (Laws of the Game) को लागू करने, खिलाड़ियों को नियंत्रित (control) करने और खेल की भावना (spirit of the game) को बनाए रखने के लिए किया जाता है।
येलो कार्ड (पीला कार्ड) एक चेतावनी (warning) के रूप में कार्य करता है। यह आमतौर पर तब दिया जाता है जब कोई खिलाड़ी मामूली (minor) लेकिन अनुचित फाउल करता है या जानबूझकर खेल में देरी (delay) करता है, विरोधियों से बहस (arguing) करता है, या खेल के नियमों का बार-बार उल्लंघन (repeatedly infringes) करता है। उदाहरण के लिए, सामरिक फाउल (tactical fouls) जैसे विरोधी टीम के हमले को रोकने के लिए खीचना (pulling) या अत्यधिक खतरनाक खेल (reckless play) दिखाने पर येलो कार्ड दिया जाता है।
यदि किसी खिलाड़ी को एक ही मैच में दूसरा येलो कार्ड (second Yellow Card) मिलता है, तो वह स्वचालित रूप से रेड कार्ड (लाल कार्ड) में बदल जाता है। रेड कार्ड का अर्थ है कि खिलाड़ी को तुरंत मैदान (field) छोड़कर जाना होगा और वह अपनी टीम के अगले एक (या अधिक) मैच खेलने के लिए निलंबित (suspended) हो जाता है।
रेड कार्ड (लाल कार्ड) सबसे गंभीर दंड (most severe penalty) है और यह तब दिया जाता है जब कोई खिलाड़ी गंभीर फाउल (serious foul play) करता है। इसमें विरोधी खिलाड़ी पर जानबूझकर हिंसा (violence) करना, थूकना (spitting), या एक ऐसी फाउल करना शामिल है जो स्पष्ट गोल करने के अवसर (clear goal-scoring opportunity) को रोकता है (जैसे गोलकीपर को चकमा देने वाले खिलाड़ी को टैकल करना)।
रेड कार्ड मिलने के बाद, खिलाड़ी की टीम को उस मैच के बाकी समय के लिए कम खिलाड़ियों (with reduced players) के साथ खेलना पड़ता है। यह विपक्षी टीम को एक महत्वपूर्ण लाभ (significant advantage) देता है। येलो और रेड कार्ड यह सुनिश्चित करते हैं कि फुटबॉल एक अनुशासित (disciplined) और सुरक्षित (safe) वातावरण में खेला जाए।