एसबीआई (SBI) से 'कार लोन' (Car Loan) लेने पर लगने वाली ब्याज दर (Interest Rate) कई कारकों (Factors) के आधार पर तय होती है, जो सीधे तौर पर बैंक (Bank) के लिए जोखिम (Risk) और बाज़ार की स्थितियों (Market conditions) को दर्शाते हैं। ब्याज दर तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक 'रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट' (Repo Linked Lending Rate - RLLR) होता है, जो सीधे भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) की रेपो दर (Repo Rate) से जुड़ा होता है।
दूसरा, 'आवेदक का क्रेडिट स्कोर' (Applicant's Credit Score) ब्याज दर तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है। उच्च क्रेडिट स्कोर (High Credit Score) (आमतौर पर 750 या उससे अधिक) वाले ग्राहकों को कम ब्याज दर (Lower interest rate) पर लोन (Loan) मिलता है, क्योंकि बैंक (Bank) उन्हें कम जोखिम (Lower risk) वाला मानता है। कम क्रेडिट स्कोर (Low Credit Score) का मतलब है ज़्यादा जोखिम (Higher risk), जिसके परिणामस्वरूप ब्याज दर (Interest rate) अधिक होती है।
तीसरा कारक 'लोन की राशि और अवधि' (Loan Amount and Tenure) है। अक्सर, ज़्यादा लोन राशि (Higher loan amount) या लंबी अवधि (Longer tenure) के लिए ब्याज दरें (Interest rates) थोड़ी अलग हो सकती हैं। इसके अलावा, यदि आप एक मौजूदा एसबीआई ग्राहक (Existing SBI customer) हैं, या आपकी सैलरी (Salary) एसबीआई (SBI) खाते में आती है, तो बैंक आपको अपनी वफादारी (Loyalty) के लिए रियायती ब्याज दर (Concessional interest rate) की पेशकश कर सकता है।
कार के प्रकार (Type of Car) पर भी ब्याज दर निर्भर करती है। एसबीआई (SBI) अक्सर 'इलेक्ट्रिक वाहनों' (Electric Vehicles - EVs) के लिए अलग से 'ग्रीन कार लोन' (Green Car Loan) योजनाएँ चलाता है, जिनकी ब्याज दरें (Interest rates) सामान्य पेट्रोल (Petrol) या डीज़ल (Diesel) कारों की तुलना में कम हो सकती हैं, क्योंकि सरकार (Government) भी हरित ऊर्जा (Green energy) को बढ़ावा दे रही है।
बाज़ार में 'प्रतिस्पर्धा' (Competition) भी ब्याज दरों को प्रभावित करती है। एसबीआई (SBI) अन्य बैंकों (Banks) और वित्तीय संस्थानों (Financial institutions) के साथ प्रतिस्पर्धा (Compete) करने के लिए समय-समय पर 'विशेष ऑफ़र' (Special offers) या 'त्योहारी छूट' (Festival discounts) की घोषणा करता है, जिसके दौरान ब्याज दरें (Interest rates) अस्थायी (Temporarily) रूप से कम हो जाती हैं।