ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम्स (online multiplayer games) में लाखों अजनबी (strangers) एक साथ खेलते हैं, इसलिए सुरक्षित (safe) रहना बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर बच्चों (children) और किशोरों (teenagers) के लिए। सुरक्षित रहने का पहला नियम है अपनी निजी जानकारी (personal information) को कभी भी साझा (never share) न करना। इसमें आपका पूरा नाम (full name), पता (address), फ़ोन नंबर (phone number), या स्कूल का नाम (school name) शामिल है।
दूसरा महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है अद्वितीय (unique) और मजबूत पासवर्ड (strong passwords) का उपयोग करना। अपने गेमिंग अकाउंट्स (gaming accounts) के लिए ऐसे पासवर्ड चुनें जिनमें अक्षर (letters), संख्याएँ (numbers) और प्रतीक (symbols) का मिश्रण हो। जहाँ संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication - 2FA) को सक्षम (enable) करें, जिससे आपके अकाउंट की सुरक्षा (security) बढ़ जाती है।
ऑनलाइन गेम्स में अक्सर चैट फ़ंक्शन (chat function) होता है। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जिसे आप नहीं जानते हैं, तो हमेशा सावधान (cautious) रहें। किसी भी धमकी (threats), उत्पीड़न (harassment), या अनुपयुक्त भाषा (inappropriate language) की रिपोर्ट (report) तुरंत गेम प्लेटफॉर्म (game platform) पर करें और ब्लॉक (block) फ़ंक्शन का उपयोग करें। यदि आप असहज (uncomfortable) महसूस करते हैं, तो चैट को छोड़ दें।
बच्चों के लिए, माता-पिता की निगरानी (parental supervision) बहुत ज़रूरी है। माता-पिता को पता होना चाहिए कि उनके बच्चे किसके साथ ऑनलाइन (online) बातचीत कर रहे हैं। कई गेम्स पैरेंटल कंट्रोल्स (Parental Controls) प्रदान करते हैं जो चैट फ़ंक्शन को सीमित (limit) कर सकते हैं या अवांछित लोगों (unwanted people) से संपर्क (contact) को रोक सकते हैं।
यदि कोई अजनबी आपसे वास्तविक जीवन (real life) में मिलने (meet) के लिए कहता है, तो हमेशा मना (refuse) करें। याद रखें, ऑनलाइन दोस्ती (online friendship) अक्सर वास्तविक जीवन की सुरक्षा (real life safety) की गारंटी नहीं देती। गेम्स को मनोरंजन (entertainment) के लिए उपयोग करें, और अपनी सुरक्षा को हमेशा पहली प्राथमिकता (priority) दें।