बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम (screen time) और कार्टून (cartoons) देखने का सही संतुलन (right balance) ढूँढना उनकी सेहत (health) और विकास (development) के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ (experts) इस बात पर जोर देते हैं कि स्क्रीन टाइम केवल समय की मात्रा (amount of time) नहीं, बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता (quality of content) और संदर्भ (context) पर भी निर्भर करता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (American Academy of Pediatrics) जैसी संस्थाएँ 2 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए प्रतिदिन एक घंटे (one hour) के उच्च-गुणवत्ता (high-quality) वाले प्रोग्रामिंग (programming) की सलाह देती हैं, जबकि बड़े बच्चों (older children) के लिए, समय सीमा (time limit) लचीली (flexible) हो सकती है, लेकिन इसे पढ़ाई (studies), नींद (sleep), और शारीरिक गतिविधि (physical activity) को बाधित (disrupt) नहीं करना चाहिए।
संतुलन बनाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है नियम बनाना (setting rules)। माता-पिता को एक स्पष्ट समय सारणी (schedule) स्थापित करनी चाहिए कि कार्टून कब देखे जा सकते हैं और कब नहीं (जैसे भोजन के समय - meal times)। बिस्तर पर जाने से पहले (before bedtime) स्क्रीन टाइम से बचना चाहिए क्योंकि नीली रोशनी (blue light) नींद (sleep) को बाधित कर सकती है।
माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्क्रीन टाइम एक निष्क्रिय गतिविधि (passive activity) न रहे। बच्चों को केवल कार्टून देखने के बजाय, शैक्षिक ऐप्स (educational apps) और इंटरैक्टिव गेम्स (interactive games) के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें। बच्चों को जो कार्टून पसंद आते हैं, उन पर उनके साथ चर्चा (discuss) करें।
सर्वोत्तम संतुलन तब प्राप्त होता है जब बच्चे अपने दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा (significant part) बाहर खेलने (playing outside), किताबें पढ़ने (reading books), और पारिवारिक बातचीत (family interaction) में बिताते हैं। कार्टून (cartoons) और एनिमेशन (animation) को केवल मनोरंजन के एक साधन (source of entertainment) के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि प्राथमिक बाल-देखभालकर्ता (primary childcare provider) के रूप में।