बच्चों (children) में किताबें पढ़ने (reading books) की आदत डालना एक महत्वपूर्ण निवेश (important investment) है जो उनके आजीवन सीखने (lifelong learning) और कल्पना शक्ति (imagination) को बढ़ावा देता है। यह आदत डालने का सबसे प्रभावी तरीका है कि जल्दी (early age) शुरुआत की जाए। जब बच्चे बहुत छोटे हों, तभी से उन्हें रंगीन चित्र पुस्तकों (picture books) से परिचित कराएँ, भले ही वे अभी शब्दों (words) को न समझते हों।
माता-पिता (parents) को खुद एक रोल मॉडल (role model) बनना चाहिए। यदि बच्चे आपको नियमित रूप से पढ़ते (reading regularly) हुए देखेंगे, तो वे इस व्यवहार (behaviour) को स्वाभाविक रूप से अपनाएँगे। घर में एक शांत (quiet) और आरामदायक पढ़ने का कोना (comfortable reading corner) बनाएँ जहाँ किताबें आसानी से उपलब्ध (easily accessible) हों, और पढ़ने को एक सुखद गतिविधि (pleasant activity) के रूप में देखा जाए।
बच्चों के लिए किताबें चुनते समय उनकी रुचि (interest) और आयु (age) का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। यदि उन्हें जानवरों (animals), अंतरिक्ष (space), या सुपरहीरो (superheroes) में रुचि है, तो उन विषयों (themes) से संबंधित किताबें प्रदान करें। इससे वे पढ़ने को एक मज़ेदार (fun) गतिविधि मानेंगे, न कि कोई कार्य (chore)।
बच्चों के साथ ज़ोर से पढ़ना (reading aloud) एक बेहतरीन तरीका है। उन्हें कहानी (story) सुनाएँ और आवाज़ों (voices) और अभिनय (acting) का उपयोग करें ताकि कहानी जीवंत (come alive) हो जाए। जब बच्चे बड़े हों, तो उन्हें कहानी के कुछ हिस्सों को खुद पढ़ने के लिए प्रोत्साहित (encourage) करें। इससे उनका भाषा कौशल (language skills) और आत्मविश्वास (confidence) दोनों बढ़ता है।
किताबों को उपहार (gifting books) के रूप में दें और उन्हें नियमित रूप से पुस्तकालय (library) ले जाएँ। पुस्तकालयों में विभिन्न प्रकार की किताबें होती हैं, और वहाँ का माहौल (atmosphere) भी पढ़ने के लिए अनुकूल (conducive) होता है। पढ़ने को एक पुरस्कार (reward) या विशेष गतिविधि (special activity) के रूप में स्थापित करें, न कि सजा (punishment) के रूप में।