विराट कोहली (Virat Kohli) ने टेस्ट कप्तानी (Test Captaincy) जनवरी 2022 में छोड़ी थी, जिसने क्रिकेट जगत (cricket world) को हैरान (surprised) कर दिया था। उनका यह फैसला (decision) दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ टेस्ट सीरीज (Test Series) में भारत की हार (defeat) के तुरंत बाद आया था। उनकी कप्तानी छोड़ने की घोषणा (announcement) ने उनके एक अत्यंत सफल युग (extremely successful era) का अंत कर दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम (Indian Test Team) को एक नई ऊँचाई (new height) पर पहुँचाया था।
टेस्ट कप्तानी छोड़ने का मुख्य कारण (main reason) मानसिक और शारीरिक थकान (mental and physical fatigue) था। कोहली ने अपने बयान (statement) में स्पष्ट (clear) किया था कि उन्हें अपनी भूमिका (role) के साथ न्याय (justice) करने के लिए पूरी तरह से समर्पित (fully committed) होना आवश्यक है, और उन्होंने महसूस किया कि अब उनके पास वह मानसिक ऊर्जा (mental energy) नहीं बची है। वह लंबे समय (long period) तक तीनों प्रारूपों (all three formats) में भारत (India) की कप्तानी (captaincy) कर रहे थे, जिसने उनके ऊपर काफी दबाव (a lot of pressure) डाला था।
यह फैसला (decision) उनके सीमित ओवरों (limited overs) की कप्तानी (captaincy) छोड़ने के कुछ ही समय बाद आया था। उन्होंने 2021 टी20 विश्व कप (2021 T20 World Cup) के बाद टी20 कप्तानी (T20 Captaincy) छोड़ दी थी, और फिर उन्हें वनडे कप्तानी (ODI Captaincy) से हटा दिया गया था। इन सभी कप्तानी परिवर्तनों (captaincy changes) ने भी उनके टेस्ट कप्तानी छोड़ने के निर्णय (decision) में योगदान (contributed) दिया होगा।
कोहली की टेस्ट कप्तानी (Test Captaincy) का रिकॉर्ड (record) असाधारण (extraordinary) था। उनके नेतृत्व (leadership) में भारत ने सबसे अधिक टेस्ट मैच (most Test matches) जीते और टीम को टेस्ट रैंकिंग (Test Ranking) में शीर्ष स्थान (top spot) पर पहुँचाया। उनके कार्यकाल (tenure) में भारत ने ऑस्ट्रेलिया (Australia) को उनकी धरती (soil) पर दो बार ऐतिहासिक सीरीज (historic series) में हराया।
उन्होंने कप्तानी इसलिए छोड़ी ताकि वह अपने बल्लेबाजी (batting) पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित (focus entirely) कर सकें और एक खिलाड़ी के रूप में टीम की सेवा (serve the team) करना जारी रख सकें। यह उनका एक व्यक्तिगत और पेशेवर (personal and professional) निर्णय था, जो उनकी मानसिक स्वास्थ्य (mental health) को प्राथमिकता (priority) देता था।