बच्चों में अच्छी आदतें (Good Habits) विकसित करने के लिए माता-पिता (Parents) को धैर्य (Patience) और निरंतरता (Consistency) के साथ कुछ प्रभावी तकनीकें अपनानी चाहिए। सबसे पहले, रोल मॉडल (Role Model) बनें। बच्चे अपने माता-पिता को देखकर सीखते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा किताबें पढ़े, तो आपको भी उसके सामने नियमित रूप से पढ़ना चाहिए। यदि आप चाहते हैं कि वे स्वस्थ खाएँ, तो आपको भी अपनी थाली में फल और सब्जियाँ शामिल करनी चाहिए। आपका व्यवहार (Behavior) सबसे शक्तिशाली शिक्षण उपकरण (Teaching Tool) है।
बच्चों को दिनचर्या (Routine) का महत्व समझाएँ। एक स्थिर और अनुमानित (Predictable) दिनचर्या, जिसमें जागने, खाने, पढ़ने और सोने का समय निश्चित हो, उन्हें सुरक्षा (Security) की भावना देती है। जब बच्चे जानते हैं कि आगे क्या होने वाला है, तो वे कम विद्रोही (Rebellious) होते हैं और आदतों को आसानी से अपनाते हैं। आप उनकी दिनचर्या को एक रंगीन चार्ट (Colorful Chart) के रूप में प्रदर्शित कर सकते हैं ताकि उन्हें अपनी ज़िम्मेदारियाँ याद रहें।
अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करने के लिए सकारात्मक सुदृढीकरण (Positive Reinforcement) का उपयोग करें। जब बच्चा कोई अच्छी आदत अपनाता है (जैसे अपने खिलौने उठाना या होमवर्क पूरा करना), तो तुरंत उसकी प्रशंसा (Praise) करें। प्रशंसा, गले लगाना, या छोटे टोकन पुरस्कार (Token Rewards) उन्हें उस व्यवहार को दोहराने के लिए प्रेरित (Motivate) करते हैं। सज़ा या आलोचना (Criticism) के बजाय, अच्छे व्यवहार को उजागर (Highlight) करना अधिक प्रभावी होता है।
बच्चों को छोटी शुरुआत (Small Starts) करने दें। एक बार में कई आदतें डालने की कोशिश न करें। एक समय में एक या दो आदतों पर ध्यान केंद्रित करें। उदाहरण के लिए, पहले उन्हें रोज़ाना अपने दाँत ब्रश करने की आदत डालें, और जब वे इसमें सफल हो जाएँ, तभी अगली आदत शुरू करें। किसी भी आदत को पूरी तरह से विकसित होने में समय लगता है, इसलिए धैर्य रखना महत्वपूर्ण है।
अंत में, बच्चों को अपनी आदतों की ज़िम्मेदारी (Responsibility) लेने में शामिल करें। उन्हें अपने कपड़े खुद चुनने दें (यदि उचित हो), या अपनी प्लेट खुद धोने दें। जब बच्चों को प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो उन्हें लगता है कि उनका नियंत्रण (Control) है, जिससे वे नियमों का पालन करने में अधिक इच्छुक (Willing) होते हैं। यह उन्हें आत्म-निर्भरता (Self-Reliance) और जिम्मेदारी की भावना भी सिखाता है।