रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फ़िल्म धुरंधर (Dhurandhar) की कहानी (Story) पूरी तरह से फिक्शनल (Fictional) नहीं है, बल्कि यह वास्तविक जीवन (Real Life) की कुछ गहन (Intense) भू-राजनीतिक (Geopolitical) घटनाओं (Events) और भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ (RAW) के गुप्त अभियानों (Covert Operations) से प्रेरित (Inspired) है। यह फ़िल्म स्पेशल एजेंट (Special Agent) हमज़ा (Hamza) की असाधारण यात्रा (Extraordinary Journey) का वर्णन (Narrates) करती है।
फ़िल्म का प्लॉट (Plot) मुख्य रूप से ऑपरेशन ल्यारी (Operation Lyari) पर आधारित बताया जाता है, जो पाकिस्तान (Pakistan) के कराची (Karachi) शहर के ल्यारी (Lyari) क्षेत्र (Region) में स्थानीय गिरोहों (Local Gangs) और अपराध सिंडिकेट (Crime Syndicates) के खिलाफ की गई सरकार (Government) के नेतृत्व (Led) वाली कार्यवाही (Action) से शिथिल (Loosely) रूप से संबंधित (Related) है। यह पृष्ठभूमि (Background) फ़िल्म को एक गहन (Deep) और ख़तरनाक (Dangerous) माहौल (Atmosphere) देती है।
धुरंधर (Dhurandhar) की कहानी 2001 के संसद हमले (Parliament Attack) और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attacks) जैसी वास्तविक (Real) घटनाओं (Events) से भी प्रेरणा (Inspiration) लेती है। यह कनेक्शन (Connection) दर्शकों में राष्ट्रीयता (Nationality) और देशभक्ति (Patriotism) की भावना (Feeling) को जगाता (Arouses) है, जिससे फ़िल्म का भावनात्मक प्रभाव (Emotional Impact) बढ़ जाता है।
फ़िल्म का केंद्रीय कथानक (Central Narrative) हमज़ा (Hamza) के पाकिस्तान (Pakistan) में घुसपैठ (Infiltration) करने और रहमान डकैत (Rehman Dakait) के गिरोह (Gang) में शामिल (Join) होकर एक गुप्त मिशन (Secret Mission) को अंजाम (Execute) देने के इर्द-गिर्द (Around) घूमता है। यह मिशन (Mission) भारत को आतंकी हमलों (Terror Attacks) से बचाने और खतरनाक (Dangerous) अपराध सिंडिकेट (Crime Syndicate) को नष्ट (Destroy) करने से जुड़ा (Connected) होता है।
इस प्रकार, धुरंधर (Dhurandhar) एक पूरी तरह (Entirely) काल्पनिक (Fictional) फ़िल्म नहीं है। इसमें वास्तविक घटनाओं (Real Incidents) के तत्वों (Elements) को जोड़कर (By Combining) एक तेज-तर्रार (Fast-paced) और देशभक्ति (Patriotic) से भरपूर स्पाई थ्रिलर (Spy Thriller) बनाया गया है, जो मनोरंजन (Entertainment) के साथ-साथ दर्शकों (Viewers) को सोचने (To Think) पर भी मज़बूर (Compels) करती है।