ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River), जो भारत की प्रमुख नदियों में से एक है, तिब्बत (Tibet) में एक अलग नाम से जानी जाती है। तिब्बत में, जहाँ इसका उद्गम (Origin) होता है, इसे यारलुंग त्संगपो (Yarlung Tsangpo) या केवल त्संगपो (Tsangpo) कहा जाता है। त्संगपो का शाब्दिक अर्थ (Literal Meaning) 'शोधक' (Purifier) होता है। तिब्बत में, यह नदी हिमालय (Himalayas) के समानांतर (Parallel) पूर्व दिशा में बहती है, एक विशाल और शुष्क (Arid) पठार (Plateau) से होकर गुजरती है।
ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम तिब्बत के पठार पर स्थित चेमायुंग-दुंग ग्लेशियर (Chemayungdung Glacier) से होता है, जो मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) के पास स्थित है। तिब्बत में बहने के दौरान, यह दुनिया की सबसे ऊँची नदियों (Highest Altitude Rivers) में से एक है। तिब्बत का यह हिस्सा अपनी अत्यधिक ऊँचाई और ठंडे रेगिस्तानी (Cold Desert) जैसी जलवायु के कारण बहुत कम आबादी वाला (Sparsely Populated) है।
जब यह नदी भारत में प्रवेश करती है, तो यह अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में एक विशाल गॉर्ज (Gorge) या गहरी घाटी (Deep Valley) बनाती है, जहाँ इसे दिहांग (Dihang) या सियांग (Siang) के नाम से जाना जाता है। यह भारत में प्रवेश करने से पहले नामचा बरवा (Namcha Barwa) पर्वत के चारों ओर एक विशाल मोड़ (Great Bend) लेती है। अरुणाचल प्रदेश में दिहांग नदी लोहित (Lohit) और दिबांग (Dibang) जैसी अन्य प्रमुख नदियों से मिलती है, और इसके बाद यह ब्रह्मपुत्र के नाम से असम (Assam) के मैदानों में प्रवेश करती है।
असम (Assam) में, ब्रह्मपुत्र एक चौड़ी (Wide) और शक्तिशाली (Powerful) नदी बन जाती है, जो मानसून (Monsoon) के मौसम में अक्सर विनाशकारी बाढ़ (Devastating Floods) लाती है। यह दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीपों (Riverine Islands) में से एक, माजुली (Majuli), का निर्माण भी करती है। बांग्लादेश (Bangladesh) में, यह नदी जमुना (Jamuna) के नाम से जानी जाती है और अंततः गंगा नदी (गंगा को यहाँ पद्मा कहा जाता है) के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में गिरती है।
संक्षेप में, ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) को तिब्बत (Tibet) में यारलुंग त्संगपो (Yarlung Tsangpo) के नाम से जाना जाता है। इसका उद्गम चेमायुंग-दुंग ग्लेशियर (Chemayungdung Glacier) से होता है और यह भारत में प्रवेश करने से पहले एक विशाल पठार (Plateau) से होकर बहती है।