दिल्ली (Delhi) में हर साल (Every Year), खासकर (Especially) अक्टूबर (October) से फरवरी (February) के बीच, प्रदूषण (Pollution) का स्तर (Level) काफी बढ़ (Increases Significantly) जाता है, जिसके लिए कई मौसमी (Seasonal) और भौगोलिक (Geographical) कारण (Reasons) जिम्मेदार (Responsible) हैं। यह स्थिति (Situation) मुख्य रूप से ठंडे (Cold) मौसम (Weather) के दौरान (During) बनती है जब वायुमंडल (Atmosphere) की संरचना (Structure) प्रदूषकों (Pollutants) को सतह (Surface) के करीब (Near) फँसा (Traps) लेती है।
इस वृद्धि (Increase) का एक प्रमुख (Major) कारण (Reason) पड़ोसी (Neighboring) राज्यों (States) में पराली जलाना (Stubble Burning) है। पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में किसान (Farmers) अपनी अगली (Next) फसल (Crop) की तैयारी (Preparation) के लिए फसल (Crop) के अवशेषों (Residues) को जलाते (Burn) हैं। इस जलने (Burning) से निकलने वाला धुआँ (Smoke) और राख (Ash) हवा (Air) के साथ दिल्ली (Delhi) की ओर (Towards) बह (Flows) आती है, जिससे वायु गुणवत्ता (Air Quality) अचानक (Suddenly) और गंभीर रूप (Severely) से खराब (Worsens) हो जाती है।
दूसरा महत्वपूर्ण (Important) कारण (Reason) मौसम (Weather) में बदलाव (Change) है। सर्दियों (Winters) में, तापमान (Temperature) गिरने (Drops) और हवा (Air) के धीमा (Slow) होने के कारण वायुदाब (Air Pressure) बढ़ जाता है। इससे एक इनवर्जन लेयर (Inversion Layer) बन जाती है जो प्रदूषकों (Pollutants) को ऊपर (Upward) उठने (Rising) और फैलने (Dispersing) से रोकती है। परिणामस्वरूप (As a Result), धुआँ (Smoke), धूल (Dust), और वाहनों (Vehicles) से निकलने वाला उत्सर्जन (Emissions) ज़मीन (Ground) के करीब (Near) जमा (Accumulates) हो जाता है, जिससे हमें घना (Dense) स्मॉग (Smog) दिखाई देता है।
दिल्ली (Delhi) की भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) भी एक समस्या (Problem) है। यह शहर (City) चारों (Four) तरफ से भूमि (Land) से घिरा (Surrounded) हुआ है और इसके पास (Near) कोई बड़ा (Large) जल निकाय (Water Body) (जैसे समुद्र (Sea)) नहीं है जो हवा (Air) को साफ (Clean) करने में मदद (Help) कर सके। इसलिए, एक बार (Once) जब प्रदूषक (Pollutants) शहर (City) में प्रवेश (Enter) कर जाते हैं, तो उन्हें बाहर निकलने (Exiting) में बहुत समय (Long Time) लगता है।
स्थानीय उत्सर्जन (Local Emissions) जैसे वाहनों (Vehicles) से निकलने वाला धुआँ (Smoke), निर्माण (Construction) से उड़ने वाली धूल (Flying Dust), और औद्योगिक (Industrial) गतिविधियाँ (Activities) भी ठंडी (Cold) हवा (Air) के कारण जमा (Accumulate) हो जाती हैं, जिससे प्रदूषण (Pollution) का स्तर (Level) हर साल (Every Year) खतरनाक (Dangerous) हो जाता है।