PM Modi (पीएम मोदी) द्वारा 15 अगस्त, 2019 को शुरू किए गए 'जल जीवन मिशन' (Jal Jeevan Mission - JJM) का मुख्य उद्देश्य 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण घर में नल से जल (Tap Water) की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यह योजना भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में Safe and Adequate Drinking Water (सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल) उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रयास है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस मिशन का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को लंबी दूरी से पानी लाने की दैनिक परेशानी से मुक्त करना है। विशेष रूप से, इस कार्य में लगी महिलाओं और Girls (लड़कियों) के समय की बचत होती है, जिसका उपयोग वे शिक्षा या Income Generation (आय सृजन) जैसे अन्य उत्पादक कार्यों में कर सकती हैं। यह पहल Women Empowerment (महिला सशक्तिकरण) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
'जल जीवन मिशन' का एक और महत्वपूर्ण फोकस जल की गुणवत्ता (Water Quality) सुनिश्चित करना है। यह योजना Testing (परीक्षण) और निगरानी (Monitoring) को प्राथमिकता देती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित (Contaminated) न हो और इससे जलजनित बीमारियाँ (Waterborne Diseases) न फैलें। इसके लिए स्थानीय समुदायों और ग्राम पंचायतों को जल गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रशिक्षित (Trained) किया जाता है।
यह मिशन विकेंद्रीकृत (Decentralized) तरीके से काम करता है, जिसमें स्थानीय समुदायों और ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना बनाने, कार्यान्वयन (Implementation) और प्रबंधन (Management) में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाती है। यह Community Ownership (सामुदायिक स्वामित्व) की भावना को बढ़ावा देता है और यह सुनिश्चित करता है कि जल योजनाएँ स्थानीय जरूरतों के अनुरूप और टिकाऊ (Sustainable) हों।
कुल मिलाकर, 'जल जीवन मिशन' केवल पानी पहुँचाने की योजना नहीं है, बल्कि यह Public Health (सार्वजनिक स्वास्थ्य), Gender Equity (लैंगिक समानता) और ग्रामीण विकास (Rural Development) को बढ़ावा देने वाला एक व्यापक कार्यक्रम है। यह PM Modi की उस Vision (दृष्टि) को दर्शाता है कि Basic Amenities (बुनियादी सुविधाएँ) हर नागरिक का अधिकार हैं।