PM Modi (पीएम मोदी) के कार्यकाल में 'आपदा प्रबंधन' (Disaster Management) को एक प्रतिक्रिया-आधारित दृष्टिकोण (Reaction-Based Approach) से बदलकर एक निवारक और सक्रिय दृष्टिकोण (Preventive and Proactive Approach) अपनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आपदाओं (Disasters) के कारण होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करना, Early Warning Systems (शीघ्र चेतावनी प्रणाली) को मजबूत करना और Community Resilience (सामुदायिक लचीलापन) का निर्माण करना है।
सबसे महत्वपूर्ण सुधार National Disaster Response Force (NDRF) को मजबूत करना है। NDRF (एनडीआरएफ) को अत्याधुनिक Equipment (उपकरणों) और Training (प्रशिक्षण) से लैस किया गया है, जिससे वे बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी विभिन्न आपदाओं के दौरान तेजी से और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया कर सकें। NDRF की पहुँच और प्रतिक्रिया समय (Response Time) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction - DRR) पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार ने Infrastructure Projects (बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं) और शहरी नियोजन (Urban Planning) में Disaster-Resilient (आपदा-प्रतिरोधी) Features (विशेषताओं) को शामिल करने के लिए नीतियाँ बनाई हैं। PM Modi ने Global Stage (वैश्विक मंच) पर भी Disaster Resilient Infrastructure (CDRI) के लिए गठबंधन (Coalition) का नेतृत्व किया है।
Early Warning Systems (शीघ्र चेतावनी प्रणालियों) और Technology (प्रौद्योगिकी) का उपयोग बढ़ाया गया है। Real-Time Data (वास्तविक समय डेटा) और Advanced Forecasting Models (उन्नत पूर्वानुमान मॉडल) का उपयोग करके चक्रवातों और बाढ़ जैसी घटनाओं के बारे में सटीक और समय पर चेतावनी जारी की जाती है। इससे स्थानीय प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने (Evacuate) के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
Community Participation (सामुदायिक भागीदारी) और जागरूकता (Awareness) को भी प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय Volunteers (स्वयंसेवकों) और समुदायों को आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इससे आपदा के शुरुआती घंटों (Initial Hours) में स्थानीय स्तर पर प्रभावी Response (प्रतिक्रिया) सुनिश्चित होती है।