PM Modi (पीएम मोदी) के कार्यकाल में 'Ease of Doing Business' (व्यापार करने में सुगमता) पर एक महत्वपूर्ण फोकस रहा है, जिसका उद्देश्य देश में Investment (निवेश) को आकर्षित करना, Job Creation (रोजगार सृजन) को बढ़ावा देना और Businesses (व्यवसायों) को अधिक कुशल तरीके से संचालित (Operate) करने में सक्षम बनाना है। यह पहल भारत को Global Business Destination (वैश्विक व्यापार गंतव्य) के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
Rules (नियमों) और प्रक्रियाओं (Procedures) को सरल बनाना इस सुधार का एक केंद्रीय हिस्सा है। सरकार ने अनावश्यक Laws (कानूनों) और Regulations (विनियमों) को समाप्त किया है, और Starting a Business (व्यवसाय शुरू करने) के लिए आवश्यक अनुमतियों (Permissions) और Forms (फॉर्मों) की संख्या को कम किया है। Digital Platforms (डिजिटल मंच) का उपयोग करके अधिकांश प्रक्रियाओं को Online (ऑनलाइन) और Time-Bound (समयबद्ध) बनाया गया है।
GST System (जीएसटी प्रणाली) का कार्यान्वयन 'Ease of Doing Business' (व्यापार करने में सुगमता) की दिशा में एक बड़ा कदम था, क्योंकि इसने देश भर में Tax Compliance (कर अनुपालन) को सरल बनाया और Inter-State Trade (अंतर-राज्यीय व्यापार) में बाधाओं को दूर किया। Digital Tax Filings (डिजिटल कर दाखिल) और Refunds (रिफंड) की प्रक्रिया ने Businesses (व्यवसायों) के लिए समय की बचत की है।
Infrastructure (बुनियादी ढाँचे) में सुधार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर सड़कें, Ports (बंदरगाह) और Digital Connectivity (डिजिटल कनेक्टिविटी) ने Logistics Cost (लॉजिस्टिक्स लागत) को कम किया है और Supply Chain Management (आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन) को अधिक कुशल बनाया है। इससे Businesses (व्यवसायों) को अपने Products (उत्पादों) को बाजार तक तेजी से पहुँचाने में मदद मिलती है।
कुल मिलाकर, 'Ease of Doing Business' (व्यापार करने में सुगमता) पहल ने भारत की वैश्विक रैंकिंग (Global Ranking) में सुधार किया है और Investment Climate (निवेश माहौल) को अधिक अनुकूल बनाया है। यह PM Modi (पीएम मोदी) की उस Vision (दृष्टि) को दर्शाता है कि Economic Growth (आर्थिक विकास) Business-Friendly (व्यवसाय-अनुकूल) नीतियों के माध्यम से ही संभव है।