वृंदावन में महाराज जी के पास अक्सर कई बड़ी हस्तियाँ, Bollywood Celebrities, और राजनेता आशीर्वाद लेने आते हैं। इनमें विराट कोहली, अनुष्का शर्मा और कई बड़े राजनेता शामिल हैं। हालांकि, महाराज जी के लिए कोई भी व्यक्ति 'वीआईपी' नहीं है। वे सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करते हैं और किसी को भी विशेष प्राथमिकता (Special Priority) नहीं देते। उनके लिए एक साधारण गरीब भक्त और एक करोड़पति सेलिब्रिटी दोनों समान हैं।
जब भी कोई प्रसिद्ध व्यक्ति उनके पास आता है, तो महाराज जी उन्हें भी वही Spiritual Advice (आध्यात्मिक सलाह) देते हैं जो वे दूसरों को देते हैं। वे स्पष्ट रूप से कहते हैं कि धन और प्रसिद्धि अस्थायी हैं और अंत में केवल आपकी भक्ति और अच्छे कर्म ही काम आएंगे। वे सेलिब्रिटीज को भी Chanting (नाम जप) करने और अपने जीवन में सादगी लाने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी निडरता और स्पष्टवादिता ही उन्हें अन्य संतों से अलग बनाती है।
महाराज जी किसी भी प्रकार के राजनीतिक या व्यावसायिक प्रचार से कोसों दूर रहते हैं। वे अक्सर सेलिब्रिटीज को उनके अहंकार (Ego) के प्रति सचेत करते हैं और उन्हें याद दिलाते हैं कि सब कुछ भगवान की कृपा से ही मिला है। उनकी सभा में आने वाला हर व्यक्ति एक साधारण श्रद्धालु की तरह जमीन पर बैठता है, जो Equality (समानता) का एक बड़ा उदाहरण है। वे कभी भी किसी से कोई दान या उपहार स्वीकार नहीं करते।
कई बार जब बड़े राजनेता उनके दर्शन के लिए आते हैं, तो वे उन्हें Good Governance (सुशासन) और धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं। वे मानते हैं कि अगर देश के नेता और प्रभावशाली लोग धार्मिक और नैतिक होंगे, तो समाज का भला होगा। उनकी लोकप्रियता का कारण यही है कि वे किसी के प्रभाव में नहीं आते और हमेशा Scriptural Truth (शास्त्रीय सत्य) का ही समर्थन करते हैं।
महाराज जी का मुख्य उद्देश्य केवल श्री राधा के नाम का प्रचार करना है, फिर चाहे वह किसी राजा के माध्यम से हो या किसी रंक के। उनके पास आने वाले प्रसिद्ध लोग भी उनकी Simplicity (सादगी) और तेज को देखकर नतमस्तक हो जाते हैं। महाराज जी सिद्ध करते हैं कि एक सच्चा संत वही है जो संसार के आकर्षणों से विचलित न हो और सभी को प्रभु के प्रेम का मार्ग दिखाए। उनकी निष्पक्षता उनके Saintly Nature (संत स्वभाव) का सबसे मज़बूत पक्ष है।