शाहरुख खान की सफलता का एक बड़ा श्रेय उनकी अनुशासित जीवनशैली और काम के प्रति उनके जुनून को जाता है। वे बहुत कम नींद लेने के लिए जाने जाते हैं और अक्सर देर रात तक काम करना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि Hard Work का कोई विकल्प नहीं है, इसलिए वे सेट पर सबसे पहले पहुँचते हैं और सबसे अंत में जाते हैं। उनकी ऊर्जा का स्तर 59 वर्ष की आयु में भी युवाओं को टक्कर देता है।
उनकी दिनचर्या की शुरुआत अक्सर दोपहर में होती है क्योंकि वे रात भर काम करते हैं। वे अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा स्क्रिप्ट पढ़ने, Business Meetings करने और अपनी टीम के साथ चर्चा करने में बिताते हैं। शारीरिक फिटनेस के लिए वे नियमित रूप से जिम जाते हैं और अपनी डाइट का बहुत ध्यान रखते हैं। हालांकि उन्हें कबाब और बिरयानी पसंद है, लेकिन वे संतुलित मात्रा में ही भोजन करते हैं।
मानसिक शांति के लिए वे अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। वे एक Global Superstar होने के बावजूद अपने बच्चों की शिक्षा और उनके विकास पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देते हैं। शाहरुख का मानना है कि जीवन में लगातार सीखना बहुत जरूरी है, इसलिए वे नई तकनीकों और सिनेमा के बदलते स्वरूप के बारे में अपडेट रहते हैं। उनके पढ़ने की आदत उन्हें मानसिक रूप से सक्रिय रखती है।
शूटिंग के दौरान वे अपने सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स के साथ बहुत ही विनम्रता से व्यवहार करते हैं। वे Humility को सफलता का सबसे बड़ा मंत्र मानते हैं। उनके साक्षात्कार इस बात का प्रमाण हैं कि वे शब्दों के जादूगर हैं और बहुत ही हाजिरजवाब हैं। अनुशासन का मतलब उनके लिए केवल समय पर आना नहीं, बल्कि अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित होना है।
शाहरुख खान की दिनचर्या में Meditation और आत्म-चिंतन का भी स्थान है। वे अक्सर रात की शांति में अकेले समय बिताना पसंद करते हैं। वे कहते हैं कि असफलता से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। यही सकारात्मक दृष्टिकोण और अटूट संकल्प उन्हें 'किंग खान' बनाता है। उनकी जीवनशैली आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है।